✍️ संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता, कहा- गाजा में इंसानी त्रासदी गहराती जा रही है
गाजा संकट को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने इजरायल पर भुखमरी को हथियार की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। यूएन के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि गाजा में खाद्य आपूर्ति को रोकने की वजह से लाखों लोगों की जान खतरे में है। इजरायल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह हमास समर्थित सहायता प्रणाली को स्वीकार नहीं करेगा।
🔴 “गाजा में जानबूझकर संकट खड़ा किया गया” – यूएन अधिकारी का आरोप
यूएन के मानवतावादी मामलों के प्रमुख टॉम फ्लेचर ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए कहा, “गाजा में पिछले 10 हफ्तों से मानवीय राहत पूरी तरह से रुकी हुई है।” उन्होंने इजरायल पर यह गंभीर आरोप लगाया कि वह ‘जानबूझकर और बेशर्मी से’ वहां अमानवीय हालात पैदा कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति अब सिर्फ संघर्ष नहीं बल्कि मानवाधिकारों की खुली अनदेखी बन चुकी है।
🚫 इजरायल की सफाई: “हमास को समर्थन नहीं देंगे”
इजरायल ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह ऐसी किसी भी राहत योजना को नहीं मानेगा जो हमास के प्रभाव में हो। इजरायल के प्रवक्ताओं ने दावा किया कि वे मानवीय सहायता को लेकर “सुरक्षित और नियंत्रित समाधान” चाहते हैं, जिससे आतंकियों को फायदा न पहुंचे।
🍞 भूख के साए में गाजा: एक चौथाई आबादी संकट में
यूएन वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के गाजा प्रमुख एंटोनी रेनार्ड ने बताया कि गाजा की 25% आबादी भुखमरी के बेहद करीब है। उन्होंने कहा:
“हमारे गोदाम खाली हो चुके हैं। अप्रैल में जहां हम 10 लाख लोगों तक मदद पहुंचा पा रहे थे, अब यह संख्या घटकर 2.5 लाख रह गई है।”
रेनार्ड ने यह भी बताया कि जरूरी अनाज इजरायल, मिस्र और जॉर्डन के गोदामों में जमा है, लेकिन वह सिर्फ 40 किलोमीटर दूर होने के बावजूद गाजा नहीं पहुंच पा रहा।
⚠️ संकट और गहराया, चेतावनी जारी
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही राहत कार्य फिर से शुरू नहीं हुए और सैन्य कार्रवाई जारी रही, तो गाजा में भुखमरी की स्थिति तेजी से फैल सकती है। आंकड़ों के मुताबिक:
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5 लाख लोग अत्यधिक खाद्य संकट में हैं
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10 लाख लोग बमुश्किल एक वक्त का खाना जुटा पा रहे हैं
जनवरी 2024 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने इजरायल को आदेश दिया था कि वह गाजा में नरसंहार जैसे हालात को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए।
🧭 ‘नई व्यवस्था’ पर टकराव: कौन करेगा मदद का नियंत्रण?
इजरायल समर्थित गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन ने एक वैकल्पिक सहायता वितरण प्रणाली की पेशकश की है, जिसे यूएन और अन्य सहायता संगठनों ने अस्वीकार कर दिया है। टॉम फ्लेचर ने इस व्यवस्था को एक “राजनीतिक तमाशा” करार दिया, और कहा कि यह असल में “विस्थापन को वैध ठहराने की चाल” है।
अमेरिका ने इस बीच यह स्पष्ट किया है कि वह “रचनात्मक समाधान” का समर्थन करता है, बशर्ते कि सहायता हमास तक न पहुंचे। हालांकि, कई सहायता समूहों का कहना है कि गाजा की मौजूदा स्थिति के लिए केवल हमास को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
📌 निष्कर्ष:
गाजा में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, और यूएन की चेतावनी के बाद यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय बहस का केंद्र बन चुका है। अब देखना यह है कि क्या वैश्विक समुदाय और संबंधित पक्ष इस मानव संकट को समय रहते टाल पाएंगे या यह एक और इतिहास की त्रासदी बन जाएगा।

