
जेरूसलम: इस्राइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने भारत के नए राजदूत जेपी सिंह का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए भारत के साथ रणनीतिक और भू-राजनीतिक मुद्दों पर मिलकर काम करने का आह्वान किया है। इस मौके पर उन्होंने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMECE) को “दुनिया का भविष्य” बताया और दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों की सराहना की।
🤝 “भारत और इस्राइल – एक साझा विज़न”
राष्ट्रपति हर्जोग ने कहा:
“भारत के साथ हमारे संबंध ऐतिहासिक और गहरे हैं। हम भारत के नेतृत्व का सम्मान करते हैं और इस दोस्ती को नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए तत्पर हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि दोनों देशों को मिलकर काम करना चाहिए — खासकर सुरक्षा, शांति, और वैश्विक कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर।
🌐 IMEC: भविष्य की दिशा
IMECE यानी India-Middle East-Europe Corridor की बात करते हुए हर्जोग ने कहा:
“यह परियोजना केवल एक आर्थिक गलियारा नहीं, बल्कि एक नया वैश्विक नक्शा है जो यूरोप, अमेरिका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया तक को जोड़ने की क्षमता रखता है।”
यह प्रोजेक्ट 2023 में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान घोषित हुआ था और इसका उद्देश्य भारत से यूरोप तक एक मजबूत और आधुनिक संपर्क बनाना है।
🗣️ भारत के राजदूत जेपी सिंह की प्रतिक्रिया
जेपी सिंह ने कहा:
“भारत और इस्राइल की रणनीतिक साझेदारी समय की कसौटी पर खरी उतरी है। चाहे संकट हो या विकास की बात, दोनों देश हमेशा साथ खड़े रहे हैं।”
उन्होंने कृषि, जल प्रबंधन, रक्षा और IT जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात की और IMEC को भारत की ‘सभ्यता को विश्व से जोड़ने वाली कड़ी’ बताया।
सिंह ने I2U2 ग्रुप का भी ज़िक्र किया, जिसमें भारत, इस्राइल, अमेरिका और UAE मिलकर क्षेत्रीय विकास और सहयोग को बढ़ावा दे रहे हैं।
🕊️ शांति और बंधकों की वापसी पर जोर
राष्ट्रपति हर्जोग ने कहा कि:
“बंधकों की सुरक्षित वापसी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम भारत का आभार व्यक्त करते हैं कि वह 7 अक्टूबर से ही हमारे साथ मजबूती से खड़ा है।”
उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में एक जलवायु सम्मेलन में पीएम मोदी से मुलाकात की थी और दोनों नेताओं के बीच गहरी समझ और सहयोग है।
