नई दिल्ली/पेरिस:
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने फ्रांस के प्रमुख अखबार ले फिगारो को दिए एक साक्षात्कार में भारत की विदेश नीति, सुरक्षा चिंताओं और वैश्विक कूटनीतिक दृष्टिकोण पर स्पष्ट और सख्त रुख रखा। उन्होंने पाकिस्तान, चीन, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र जैसे विषयों पर भारत के रुख को दृढ़ता से रखा।
🧨 आतंकवाद पर भारत का संकल्प: “जहां होंगे, वहीं मारेंगे”
जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की असली जड़ कश्मीर नहीं, बल्कि सीमा पार से होने वाला आतंकवाद है। उन्होंने दोहराया:
“यह कोई पारंपरिक द्विपक्षीय विवाद नहीं है, यह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई है। अगर भारत पर हमला होता है, तो हम जवाब देंगे – चाहे आतंकवादी कहीं भी छिपे हों।”
उन्होंने हाल के जम्मू-कश्मीर हमले और 2008 के मुंबई हमलों को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया और कहा कि भारत अपनी रक्षा के अधिकार का प्रयोग करेगा, चाहे वो सीमा पार जाकर हो या आंतरिक सुरक्षा उपायों से।
🇨🇳 भारत-चीन संबंध: जटिल लेकिन जरूरी संतुलन
चीन को लेकर जयशंकर ने कहा कि दोनों देश प्राचीन सभ्यताएं हैं और वर्तमान में समानांतर ताकतें बन रही हैं। हिमालयी सीमा विवाद को उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रमुख तत्व बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा:
“हम दोनों पक्षों में संबंध सुधारने की भावना है। कुछ मुद्दों पर चर्चा चल रही है – जैसे सीधी उड़ानें बहाल करना।”
🇺🇸 ट्रंप, टैरिफ और रणनीतिक संबंध
ट्रंप के टैरिफ को लेकर जयशंकर ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है और उन्हें उम्मीद है कि समझौता जुलाई से पहले हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने क्वाड को लेकर ट्रंप की रुचि और प्रतिबद्धता को पहचाना और सराहा।
“हम देखते हैं कि अमेरिका अपने हितों के अनुसार फैसले करता है — और ईमानदारी से कहूं तो मैं भी यही करूंगा।”
🕊️ संयुक्त राष्ट्र में भारत की भूमिका: स्थायी सदस्यता का समर्थन
यूएनएससी में स्थायी सीट को लेकर जयशंकर ने कहा:
“हम सबसे अधिक जनसंख्या वाले देश हैं, वैश्विक अर्थव्यवस्था में अग्रणी हैं और शांति स्थापना व स्थिरता में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यह सिर्फ भारत की मांग नहीं है – कई देश भी इसका समर्थन कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र अब 80 वर्ष पुराना है और बदलाव की जरूरत है।
🤝 भारत-फ्रांस: विश्वास और रणनीतिक सहयोग
फ्रांस के साथ संबंधों पर जयशंकर ने “विश्वास” को भारत-फ्रांस साझेदारी की बुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश रक्षा, परमाणु ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में गहरा सहयोग बढ़ा रहे हैं।
🌍 ग्लोबल साउथ और यूक्रेन संकट पर भारत की भूमिका
जयशंकर ने यह भी दोहराया कि भारत यूक्रेन में युद्ध के शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर है और वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ संतुलन और न्याय की वकालत करता रहेगा।

