पेशावर: पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक बार फिर आतंकवादियों ने दुस्साहसिक हरकत को अंजाम दिया है। अज्ञात बंदूकधारियों ने एक निजी कंपनी के 11 कर्मचारियों का अपहरण कर लिया। ये कर्मचारी इस्लामाबाद से क्वेटा जा रहे थे, जब उन्हें डेरा इस्माइल खान जिले में बीच रास्ते से अगवा कर लिया गया।
🚨 पुलिस की तेज़ कार्रवाई, छह को छुड़ाया गया
घटना की सूचना मिलते ही जिला पुलिस प्रमुख और आतंकवाद निरोधक दस्ते के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सक्रिय ऑपरेशन के दौरान छह कर्मचारियों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि बाकी पांच की तलाश अभी भी जारी है। इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
📍 किस जगह हुआ हमला?
यह अपहरण डेरा इस्माइल खान के दोमांडा ब्रिज के पास हुआ, जो कि पाकिस्तान में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के प्रभाव वाले क्षेत्रों में गिना जाता है। यह क्षेत्र पहले से ही आतंकी गतिविधियों के लिए बदनाम है और हाल के महीनों में वहां घटनाओं में तेज़ी आई है।
🚐 क्या कर रहे थे अगवा कर्मचारी?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अगवा हुए कर्मचारी तीन अलग-अलग वाहनों में सफर कर रहे थे और एक निजी परियोजना से संबंधित कार्य के सिलसिले में इस्लामाबाद से क्वेटा की ओर जा रहे थे। अभी तक किसी आतंकी संगठन ने इस अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली है।
🪖 सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई
इस घटना से ठीक एक दिन पहले, पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाकर 14 आतंकियों को ढेर किया था। यह अभियान अफगानिस्तान से सटे कबायली जिले में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था। पाकिस्तान की सेना के मीडिया विंग ISPR के मुताबिक, मारे गए आतंकियों से हथियार भी बरामद किए गए हैं और ऑपरेशन अब भी जारी है।
🔎 निष्कर्ष
इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान की भीतरू सुरक्षा और आतंकी संगठनों के हौसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार के लिए यह चुनौतीपूर्ण स्थिति बन गई है, जहां आतंक का मुकाबला घरेलू मोर्चे पर ही करना पड़ रहा है।

