वॉशिंगटन/तेहरान/यरुशलम – 12 दिनों से जल रहे मध्य पूर्व में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीज़फायर का ऐलान करते हुए इसे “पूरी दुनिया के लिए जीत” बताया है। ट्रंप का दावा है कि ईरान और इजरायल सीमित अवधि के लिए संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं, जिससे लंबे युद्ध की संभावना टल गई है। हालांकि ईरान ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है और जवाबी हमले तेज़ करने की चेतावनी दी है।
🕊️ ट्रंप का दावा: 24 घंटे में खत्म होगा युद्ध
सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए राष्ट्रपति ट्रंप ने जानकारी दी कि:
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सबसे पहले ईरान 12 घंटे के लिए संघर्ष रोक देगा।
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उसके बाद इजरायल 12 घंटे बाद युद्धविराम लागू करेगा।
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इस प्रकार 24 घंटे में युद्ध का औपचारिक अंत माना जाएगा।
ट्रंप ने यह भी कहा कि यह संघर्ष वर्षों तक खिंच सकता था, लेकिन अमेरिका की कूटनीतिक सक्रियता ने इसे अभी रोक दिया, जो क्षेत्र के लिए बड़ी राहत है।
❌ ईरान ने किया इनकार, कहा – यह “एकतरफा भ्रम”
ईरान ने अमेरिकी मीडिया के जरिए ट्रंप के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप के बयान स्पष्टता से रहित और विरोधाभासी हैं। एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा:
“हम किसी भी प्रकार के सीज़फायर के लिए प्रतिबद्ध नहीं हैं। यह एकतरफा घोषणा है, जिसकी कोई वैधता नहीं।”
ईरान ने यह भी स्पष्ट किया कि वह अपने जवाबी हमलों को और तेज करेगा, खासकर इजरायल और अमेरिका के खिलाफ।
🇺🇸 जेडी वेंस का समर्थन, ट्रंप को बताया निर्णायक
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने राष्ट्रपति ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि:
“हमने ईरान का परमाणु कार्यक्रम सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया, वो भी बिना किसी अमेरिकी नागरिक के हताहत हुए। यह रणनीतिक जीत है।”
वेंस ने कहा कि सीज़फायर का मतलब ये नहीं है कि ईरान को परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू करने की छूट मिल गई है। उम्मीद है कि ईरान इस दिशा में अब कोई कदम नहीं उठाएगा।
🚀 ईरान का पलटवार: अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमला
राष्ट्रपति ट्रंप के ऐलान से कुछ ही घंटे पहले ईरान ने अमेरिका के कतर और इराक में स्थित सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा जारी वीडियो में दिखाया गया कि मध्यम और छोटी दूरी की मिसाइलें लॉन्च की गईं।
IRGC ने बयान में कहा:
“हमने अमेरिका पर वही संख्या में मिसाइलें दागीं, जितने बम उन्होंने हमारे परमाणु केंद्रों पर गिराए। यह हमारा संतुलित जवाब है।”
🧭 आगे क्या?
मध्य पूर्व में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। एक ओर अमेरिका संघर्ष को थामने की कोशिश में है, तो दूसरी ओर ईरान और इजरायल की जमीनी हकीकतें सीज़फायर से सहमति नहीं दिखा रहीं। आने वाले 24 घंटे निर्णायक साबित हो सकते हैं।

