मंत्रिपरिषद विभाग ने सभी विभागों से रिक्त दायित्वों की जानकारी मांगी है। उप सचिव आलोक कुमार सिंह ने प्रमुख सचिवों और सचिवों को पत्र भेजकर विभागों में भरे और खाली पदों का पूरा विवरण मांगा है। साथ ही इन पदों के लिए तय शैक्षिक योग्यता और आयु सीमा की जानकारी भी मांगी गई है।
इस प्रक्रिया से भाजपा संगठन में हलचल बढ़ गई है। लंबे समय से धामी कैबिनेट के विस्तार और दायित्व वितरण का इंतजार किया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से चर्चा की है। पार्टी ने 20 से ज्यादा वरिष्ठ नेताओं के नाम सरकार को सौंप दिए हैं और उम्मीद जताई है कि जल्द ही फैसला हो जाएगा।
पहले भी मिल चुके हैं कई नेताओं को दायित्व
उत्तराखंड के विभिन्न आयोगों, निगमों और परिषदों में 200 से ज्यादा ऐसे पद हैं, जहां सरकार अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सलाहकार और सदस्य नियुक्त करती है। अब तक 72 लोगों को दायित्व दिए जा चुके हैं। इनमें 62 लोग राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त कर चुके हैं, जबकि 10 नेताओं को आयोगों का अध्यक्ष या उपाध्यक्ष बनाया गया है।
चुनाव से पहले दायित्व वितरण की तैयारी
अगले साल जनवरी में विधानसभा चुनाव से पहले आचार संहिता लागू हो सकती है। इसलिए माना जा रहा है कि सरकार जल्द से जल्द दायित्व वितरण करना चाहती है। संगठन का मानना है कि यदि समय रहते नेताओं को जिम्मेदारी दी जाती है तो इसका चुनाव में भी फायदा मिल सकता है।
कुल मिलाकर, होली तक कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं को दर्जामंत्री का पद मिलने की संभावना जताई जा रही है।
