ईरान और इज़रायल के बीच छिड़े युद्ध ने नया और ख़तरनाक मोड़ ले लिया है। इस बीच, इज़रायली रक्षा बल (IDF) ने पूरी दुनिया को ईरान की मंशाओं को लेकर सतर्क किया है। IDF का कहना है कि अगर अब ईरान को नहीं रोका गया, तो यह खतरा सिर्फ इज़रायल तक सीमित नहीं रहेगा — अगला निशाना कोई और देश भी हो सकता है।
🛑 ईरान का परमाणु और बैलिस्टिक जखीरा – वैश्विक खतरे की घंटी
IDF द्वारा जारी एक वीडियो में, इज़रायली सेना ने दावा किया है कि ईरान गुप्त सुरंगों में बैलिस्टिक मिसाइलों और संभावित परमाणु हथियारों का भंडारण कर रहा है। इस वीडियो में दिखाया गया कि कैसे तेहरान ऐसे खतरनाक हथियार तैयार कर रहा है, जो किसी भी समय किसी भी देश के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकते हैं।
IDF ने कहा:
“अगर ईरान को आज नहीं रोका गया, तो कल उसका अगला निशाना आप हो सकते हैं।”
इज़रायल का आरोप है कि तेहरान न केवल इज़रायल के खिलाफ हमले की तैयारी कर रहा है, बल्कि उसकी सैन्य रणनीति पूरे क्षेत्र और विश्व शांति के लिए खतरा बन चुकी है।
💣 तेल अवीव पर मिसाइल हमले की योजना, इज़रायल का पलटवार तय
इज़रायली अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने तेल अवीव या किसी भी अन्य शहर पर हमला करने की कोशिश की, तो उसका जवाब ऐसा होगा जिसकी कल्पना भी मुश्किल है।
IDF के प्रवक्ता ने कहा:
“जो ताक़त हमें मिटाने की सोचती है, हम उसे इस तरह से जवाब देंगे कि वो इतिहास बन जाएगा।”
🚨 तेहरान में हालात बिगड़े, लाखों लोगों को खाली करने का आदेश
ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 3 लाख लोगों को बाहर निकलने के आदेश दे दिए गए हैं। यह आदेश खुद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई द्वारा जारी किया गया।
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी नागरिकों से तुरंत तेहरान खाली करने की अपील की है। इससे स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में एक बड़ा सैन्य हमला हो सकता है।
🌍 क्या अब यह सिर्फ इज़रायल और ईरान की जंग नहीं रही?
IDF के ताज़ा बयान और ईरान की रणनीति को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यह युद्ध अब दो देशों तक सीमित नहीं है। यह एक वैश्विक खतरे में तब्दील होता जा रहा है, जहां अगला निशाना कोई भी देश बन सकता है जो ईरान की विचारधारा से असहमत हो।
निष्कर्ष:
मध्य पूर्व में हालात विस्फोटक होते जा रहे हैं। ईरान की सैन्य तैयारी और इज़रायल की स्पष्ट चेतावनी यह दर्शाती है कि दोनों देश अब पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। आने वाले दिन दुनिया की कूटनीति और शांति प्रयासों के लिए सबसे बड़ी परीक्षा साबित हो सकते हैं।

