
ग्रामीणों ने इस कार्रवाई को गलत बताते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों का कहना है कि सदराम की बेरी पंचायत से हटाए गए 171 नामों में से
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129 नाम जाणियो की बस्ती के वार्ड नंबर 5 में
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42 नाम वार्ड नंबर 2 में जोड़े गए हैं।
ग्रामीणों का दावा है कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनके घर, जमीन और स्थायी निवास सदराम की बेरी पंचायत क्षेत्र में ही हैं। इसके बावजूद बिना सूचना या आवेदन के उनके नाम दूसरी पंचायत में जोड़ दिए गए।
मिलीभगत और मनमानी का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह पूरी प्रक्रिया बिना सही जांच के की गई है। इसमें संबंधित बीएलओ और प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानी की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह मतदाता सूची में बदलाव करना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश है।
जांच का आश्वासन
ग्रामीण प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि जिन लोगों का असली निवास सदराम की बेरी में है, उनके नाम दोबारा वहीं जोड़े जाएं।
चौहटन के एसडीएम रणछोड़ लाल ने कहा है कि फिलहाल नाम इधर-उधर करने की कोई पक्की जानकारी नहीं मिली है, लेकिन प्राप्त फॉर्मों की जांच की जा रही है। अगर गड़बड़ी पाई गई तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
