नई दिल्ली:
भारतीय वायुसेना के अधिकारी ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला जल्द ही अंतरिक्ष में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले दूसरे भारतीय बन जाएंगे। उन्हें Axiom Mission 4 के लिए बतौर पायलट चुना गया है — यह एक प्राइवेट, लेकिन वैज्ञानिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशन है, जो NASA के Kennedy Space Center से SpaceX Dragon यान के ज़रिए लॉन्च किया जाएगा।
🌌 Axiom-4 मिशन: भारत की दूसरी ऐतिहासिक उड़ान
इससे पहले, 1984 में विंग कमांडर राकेश शर्मा पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री बने थे। अब चार दशक बाद, शुभांशु शुक्ला इस कड़ी को आगे बढ़ाने जा रहे हैं। उनका मिशन करीब 14 दिन का होगा, जिसमें वह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में विभिन्न वैज्ञानिक शोध करेंगे।
🧑🚀 मिशन की भूमिका और तैयारी
Axiom-4 की कमान अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन के हाथ में होगी, जबकि शुभांशु पायलट के तौर पर अहम तकनीकी ज़िम्मेदारियाँ निभाएंगे। इस मिशन से पहले वे ISRO के गगनयान मिशन के लिए भी चयनित किए जा चुके हैं और अंतरिक्ष प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
🧘♂️ अंतरिक्ष में योग का संकेत
जब शुभांशु से पूछा गया कि क्या वे राकेश शर्मा की तरह अंतरिक्ष में योग करेंगे, तो उन्होंने मुस्कराते हुए जवाब दिया:
“अब जब आपने यह कहा है, तो हाँ – मैं स्टेशन पर योग की कुछ मुद्राएं ज़रूर आज़माऊँगा।”
🔬 माइक्रोग्रैविटी में शोध और अनुभव
उन्होंने NDTV से बातचीत में कहा कि वह माइक्रोग्रैविटी में खुद को अनुभव करने के लिए बेहद उत्साहित हैं। उनकी ट्रेनिंग पिछले कई महीनों से जारी है और अब वह मिशन के हर पहलू को अच्छी तरह समझ चुके हैं।
“अब यह वह पड़ाव है जहाँ चीज़ें एकसाथ जुड़ती दिख रही हैं,” उन्होंने कहा।

