Site icon CHANNEL009

11 को आकृति गिरफ्तार, 13 अप्रैल को हिंसा कैसे भड़काई:नोएडा प्रोटेस्ट केस; वकील बोले- पुलिस खाली हाथ, 1 करोड़ ट्रांजेक्शन के सबूत नहीं दिए

channel_009

आकृति की गिरफ्तारी पर उठे बड़े सवाल

11 मई को हुई गिरफ्तारी, फिर 13 अप्रैल की हिंसा कैसे भड़काई? वकीलों ने पुलिस जांच पर खड़े किए सवाल

नोएडा प्रोटेस्ट केस में गिरफ्तार आकृति को लेकर अब पुलिस की जांच और कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने दावा किया कि पुलिस अब तक हिंसा भड़काने से जुड़े ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई है।

वकीलों ने कोर्ट में कहा कि जिस महिला को 11 मई को गिरफ्तार किया गया, उस पर 13 अप्रैल को हुई हिंसा भड़काने का आरोप लगाया जा रहा है। बचाव पक्ष ने इसे जांच में बड़ा विरोधाभास बताते हुए पूछा कि गिरफ्तारी की तारीख और हिंसा की घटना के बीच इस तरह का दावा कैसे संभव है।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। वकीलों का कहना था कि पुलिस ने कथित 1 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन से जुड़े कोई ठोस बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल एविडेंस या आधिकारिक दस्तावेज अदालत में पेश नहीं किए हैं।

बचाव पक्ष ने आरोप लगाया कि केवल गंभीर धाराएं लगाकर मामले को बड़ा बनाया जा रहा है, जबकि अब तक जांच एजेंसी के पास ठोस प्रमाण नहीं दिखाई दिए। वकीलों ने अदालत से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि बिना पुख्ता सबूत किसी को हिंसा का मास्टरमाइंड बताना गलत होगा।

दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और कई डिजिटल व वित्तीय पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद और तथ्य सामने आ सकते हैं।

यह मामला अब कानूनी बहस के साथ-साथ राजनीतिक चर्चा का भी हिस्सा बनता जा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग गिरफ्तारी की टाइमलाइन और जांच की दिशा को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। कुछ लोग इसे जांच एजेंसियों की जल्दबाजी बता रहे हैं, जबकि कुछ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल, कोर्ट में अगली सुनवाई और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

 

Exit mobile version