
13 अप्रैल तक 734 किसानों ने लगभग 60 हजार क्विंटल गेहूं बेच दिया है। वहीं, कुल 4500 किसानों ने पंजीकरण कराया है। अगर सभी किसान अपनी फसल बेचते हैं तो यह आंकड़ा डेढ़ लाख क्विंटल से भी ज्यादा हो सकता है।
मंडीबामोरा समिति ने सबसे ज्यादा 10,745 क्विंटल गेहूं की खरीदी की है। क्षेत्र में इस बार 23 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोवनी हुई थी और उत्पादन भी काफी अच्छा रहा है। किसानों को मंडी की तुलना में समर्थन मूल्य केन्द्रों पर बेहतर दाम मिल रहे हैं।
📦 बारदाने की कमी से तौल पर असर
खरीदी केन्द्रों पर बारदाना (बोरी) की कमी सामने आ रही है। समितियों ने इस बारे में अधिकारियों को कई बार जानकारी दी है, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला है। अगर बारदाना खत्म हो गया, तो तौल रोकनी पड़ सकती है, जिससे किसानों को भारी दिक्कत होगी।
🏠 वेयरहाउस में हो रही खरीदी
गेहूं को सुरक्षित रखने और परिवहन की समस्या से बचने के लिए खरीदी वेयरहाउसों में ही कराई जा रही है। इससे तौल प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। बिहरना स्टेट वेयरहाउस में 6 खरीदी केन्द्र बनाए गए हैं।
निष्कर्ष: इस साल गेहूं की खरीदी अच्छे स्तर पर चल रही है, लेकिन बारदाने की कमी चिंता का विषय है। समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
