
ऐतिहासिक इमारत का संरक्षण
यह संग्रहालय ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। यहीं पर राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को उनके बलिदान से पहले कैद रखा गया था। इस इमारत को पारंपरिक तरीके से उसके मूल स्वरूप में पुनर्निर्मित किया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
गोंड जनजाति की संस्कृति
संग्रहालय की पहली गैलरी में गोंड जनजाति की संस्कृति प्रदर्शित की गई है। दूसरी गैलरी में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शामिल जनजातीय सेनानियों के बलिदान को दर्शाया गया है। तीसरी गैलरी राजा शंकरशाह के दरबार के रूप में बनाई गई है, जिसमें उनकी वीरता की कहानी को फिल्म के जरिए दिखाया जाएगा।
रोमांचित कर देने वाले दृश्य
संग्रहालय में थ्री डी होलोग्राम के माध्यम से राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह को श्रद्धांजलि दी जाती है। संग्रहालय में वीर योद्धाओं के बलिदान की गाथाओं को संजोया गया है, जिसे देखना लोगों के लिए रोमांचकारी होगा।
