
उत्तर प्रदेश में झुलसाने वाली गर्मी और लू से जूझ रही जनता को जल्द राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार 15 जून से बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आने की उम्मीद है, लेकिन उमस अभी परेशान करती रहेगी।
कहां-कहां होगी बारिश?
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17 जून से पूर्वी यूपी (लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज आदि) में अच्छी बारिश की संभावना है।
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19 जून से पश्चिमी यूपी (नोएडा, आगरा, मेरठ, अलीगढ़, मुरादाबाद आदि) में भारी बारिश शुरू हो सकती है।
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इस वजह से तापमान में गिरावट आएगी और मौसम में नमी बढ़ेगी।
क्यों हो रही है ये बारिश?
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राजस्थान से मराठवाड़ा तक एक द्रोणी रेखा (ट्रफ लाइन) बनी है।
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अरब सागर से आ रही नम हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ भी असर डाल रहे हैं।
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इससे उत्तर भारत का मौसम धीरे-धीरे मानसून के अनुकूल बन रहा है।
लू कम हुई, लेकिन उमस से राहत नहीं
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बुंदेलखंड को छोड़कर ज़्यादातर जगहों पर लू की स्थिति अब नहीं है।
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लेकिन अधिक नमी और ऊँचे न्यूनतम तापमान की वजह से हीट इंडेक्स (शरीर को महसूस होने वाला तापमान) काफी ज्यादा है।
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इसलिए 1-2 दिन तक उमस बनी रहेगी।
मौसम का संक्रमण काल
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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह समय मानसून से पहले का संक्रमण काल है।
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इस समय अचानक बारिश, तेज हवाएं, बिजली गिरना और बादल फटना जैसी घटनाएं आम हैं।
सतर्कता जरूरी – जानिए क्या करें?
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दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलें।
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खूब पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स पिएं।
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हल्के और ढीले कपड़े पहनें।
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बच्चों और बुजुर्गों को खास तौर पर संभालें।
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आंधी और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए सावधान रहें।
किसानों के लिए खुशखबरी
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मानसून से पहले की यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई शुरू करने में मददगार होगी।
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मौसम विभाग के मुताबिक अगर यह बारिश जारी रही, तो जून के आखिरी हफ्ते तक मानसून उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
अब कुछ दिन गर्मी और उमस के साथ बीतेंगे, लेकिन बरसात की बौछारें जल्द राहत देंगी। मौसम को लेकर सतर्क रहें और सावधानी बरतें।
