
जिले के ग्राम टोकसर से बड़ी संख्या में महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंची। इन महिलाओं ने कलेक्टर के नाम मांगपत्र सौंपा, जिसमें पंचायतकर्मियों की लापरवाही का आरोप लगाते हुए योजना से वंचित रहने का कारण बताया। इनका कहना था कि गांव में योजना के बारे में कोई प्रचार-प्रसार नहीं हुआ और समय पर पंचायत भी नहीं खुली, जिसके कारण करीब 250 महिलाएं आवेदन करने से वंचित रह गईं। उन्होंने मांग की कि योजना का लाभ उन्हें भी दिया जाए और तीसरे चरण में पंचायत की जिम्मेदारी के बजाय गांव में शिविर लगाकर आवेदन लिया जाए।
जनसुनवाई में 67 आवेदकों ने अपनी समस्याएं प्रस्तुत की। संयुक्त कलेक्टर सत्यनारायण दर्रे और हेमलता सोलंकी ने आवेदकों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभाग के अधिकारियों को त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया।
महेश्वर तहसील के ग्राम खराड़ी के निवासी कैलाश शाहनी ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। उनका कहना था कि वे 12 वर्षों से कच्चे मकान में रह रहे हैं, लेकिन सूची में उनका नाम होने के बावजूद आवास का लाभ नहीं मिला है।
इसके अलावा, गोगांवा तहसील के ठिबगांव की आयशा मंसुरी ने संबल योजना के तहत राशि न मिलने की शिकायत की। जितेन्द्र सोलंकी ने तीसरी मंजिल से दूसरी मंजिल पर घर बदलने की मांग की, क्योंकि उनकी बेटी केंसर से पीड़ित है और तीसरी मंजिल पर जाने में समस्या होती है।
