
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के लिए देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। उत्तर-पश्चिम, पश्चिम, पूर्वोत्तर, दक्षिण और मध्य भारत के कुछ राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। राज्य सरकारों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है।
🌧️ उत्तर-पश्चिम भारत में भारी बारिश की चेतावनी
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पूर्वी राजस्थान में 27 और 28 जुलाई को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
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29 से 31 जुलाई के बीच बारिश और तेज़ हो सकती है।
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हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 29 से 31 जुलाई तक तेज बारिश के आसार हैं।
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हरियाणा और चंडीगढ़ में 28-29 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।
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पश्चिमी राजस्थान में 27 से 31 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी।
🌧️ पश्चिम भारत: गुजरात और महाराष्ट्र में भी अलर्ट
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गुजरात में 27 जुलाई को कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है।
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कोकण, गोवा और घाट क्षेत्र में 27 से 30 जुलाई तक लगातार भारी बारिश की संभावना है।
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सौराष्ट्र और कच्छ में भी 27 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।
🌧️ पूर्वोत्तर भारत: फिर से शुरू होगी बारिश
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01 से 03 अगस्त के बीच नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश होगी।
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अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 27 जुलाई से 2 अगस्त तक लगातार बारिश जारी रहेगी।
🌧️ मध्य और पूर्व भारत में भी असर
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मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, बिहार, झारखंड और ओडिशा में 27 से 31 जुलाई के बीच भारी बारिश हो सकती है।
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पश्चिम मध्य प्रदेश में 27 से 29 जुलाई तक और पूर्वी मध्य प्रदेश में 28-29 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना है।
🌧️ दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर
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केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में 27 से 31 जुलाई तक बारिश जारी रहेगी।
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तटीय कर्नाटक में 27 से 29 जुलाई तक बहुत भारी बारिश हो सकती है।
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दक्षिण भारत में कई जगहों पर 40-50 किमी/घंटा की तेज हवाएं चल सकती हैं।
🚨 झारखंड के जमशेदपुर में बाढ़ जैसे हालात
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लगातार बारिश और डैमों से छोड़े गए पानी के कारण सुवर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर खतरे से ऊपर चला गया है।
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कदमा, बागबेड़ा, जुगसलाई, सोनारी, मानगो और बिष्टुपुर जैसे इलाकों में पानी भर गया है।
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कई घर, दुकानें और सड़कें डूब गई हैं। लोग कमर तक पानी में फंसे हुए हैं।
🛟 बचाव कार्य में जुटी NDRF और प्रशासन
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NDRF, जिला प्रशासन और टाटा स्टील की टीमों ने मिलकर रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
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गोताखोरों और रेस्क्यू बोट्स की मदद से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।
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पुरुलिया रोड और कपाली लिंक रोड पर पानी भर जाने के कारण सड़कें बंद करनी पड़ीं।
💧 डैम से छोड़े गए पानी से स्थिति और बिगड़ी
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चांडिल डैम से 762.39 क्यूमेक्स,
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डिमना डैम और
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गालूडीह बराज से 8218.76 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया, जिससे नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा।
डिप्टी कमिश्नर कर्ण सत्यार्थी खुद हालात पर नजर रखे हुए हैं और राहत शिविर बनाए जा चुके हैं। लोगों से सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
