इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सरज़मीं पर एक-एक कर भारत के मोस्ट वांटेड आतंकियों का सफाया हो रहा है। हाल ही में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर अबु सैफुल्लाह खालिद को सिंध प्रांत में अज्ञात हमलावरों ने गोलियों से भून दिया। यह कोई पहली घटना नहीं है—बीते महीनों में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े कई शीर्ष आतंकियों की रहस्यमयी परिस्थितियों में हत्याएं हो चुकी हैं।
इन हत्याओं की कोई जिम्मेदारी नहीं ली गई है, लेकिन माना जा रहा है कि या तो आतंकी गुटों के आपसी टकराव के चलते यह ‘खामोश सफाया’ हो रहा है, या कोई तीसरी शक्ति गुपचुप तरीके से इन पर कार्रवाई कर रही है।
अब तक किन-किन आतंकियों की हुई हत्या? देखें सूची:
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अबु सैफुल्लाह खालिद (लश्कर-ए-तैयबा)
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तारीख: मई 2025
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स्थान: सिंध, पाकिस्तान
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विवरण: अज्ञात बंदूकधारियों ने खुलेआम गोली मार दी।
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अबु कताल (लश्कर-ए-तैयबा)
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तारीख: 15 मार्च 2025
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स्थान: पाकिस्तान
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विवरण: हाफिज सईद का करीबी; अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया।
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बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज आलम (हिज्बुल मुजाहिदीन)
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तारीख: 20 फरवरी 2023
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स्थान: रावलपिंडी
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विवरण: घाटी में कई आतंकी घटनाओं से जुड़ा था; 15 वर्षों से पाकिस्तान में रह रहा था।
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शाहिद लतीफ (जैश-ए-मोहम्मद)
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तारीख: 11 अक्टूबर 2023
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स्थान: सियालकोट
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विवरण: पठानकोट एयरबेस हमले का मास्टरमाइंड।
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अबु कासिम कश्मीरी (लश्कर)
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तारीख: 8 सितंबर 2023
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स्थान: पाकिस्तान
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विवरण: राजौरी हमले में वांटेड; अज्ञात हमले में मारा गया।
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रियाज अहमद (लश्कर-ए-तैयबा)
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तारीख: 8 सितंबर 2023
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स्थान: पाकिस्तान
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विवरण: लश्कर का शीर्ष कमांडर; गुमनाम हमलावर ने गोली मारी।
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क्यों बढ़ रही हैं ये हत्याएं?
विशेषज्ञों का मानना है कि लश्कर और जैश के बीच अंदरूनी टकराव, गुटबाजी, या फिर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा गुप्त रूप से अंजाम दी जा रही कार्रवाइयाँ इन हत्याओं के पीछे हो सकती हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से किसी भी घटना का अब तक कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला है, जिससे संदेह और बढ़ गया है।

