
कार्यक्रम दो दिन पहले से शुरू हुआ और लगातार चलता रहा। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने जन्मदिन पर आयोजन से परहेज किया, लेकिन पार्टी मुख्यालय में केक काटा गया।
कमलनाथ का जन्मदिन 18 नवंबर को था, और अगले दिन 19 नवंबर को इंदिरा गांधी की जयंती भी मनाई गई। इस अवसर पर कई नेता छिंदवाड़ा पहुंचे और कमलनाथ को बधाई दी।
कमलनाथ के छिंदवाड़ा में जन्मदिन मनाने से यह संदेश मिला कि वह अब भी पार्टी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, और उनका राजनीतिक कद घटा नहीं है। यह आयोजन मध्यप्रदेश की आगामी चुनावों के लिए एक संकेत था कि कांग्रेस पूरी तैयारी के साथ चुनावों में उतरेगी। साथ ही, यह भी दर्शाता है कि कमलनाथ पार्टी के रणनीति में अहम स्थान बनाए रखेंगे और उनके समर्थकों को आगामी चुनावों में कांग्रेस की वापसी की उम्मीदें हैं।
