
पुराने रिकॉर्ड होंगे साफ
ऐसे कई परिवार हैं जिनके नाम तो राशन सूची में दर्ज हैं, लेकिन वे अब उस गांव में नहीं रहते या सालों से राशन लेने नहीं आए हैं। इसी वजह से शासन ने पारदर्शिता के लिए आधार से सत्यापन अनिवार्य कर दिया है।
जिलों की स्थिति
-
इंदौर जिले ने बेहतरीन काम किया है। यहां 17,13,612 सदस्यों में से केवल 2,38,223 की ई-केवाइसी बाकी है।
-
वहीं टीकमगढ़ जिले में काम धीमा है। यहां 9,20,194 सदस्यों में से 3,28,050 सदस्यों की ई-केवाइसी अब भी बाकी है।
शासन के निर्देश
खाद्य विभाग के अधिकारी सयक जैन ने बताया कि अब 30 अप्रैल तक का समय दिया गया है। सभी पंजीकृत सदस्यों की ई-केवाइसी जल्द पूरी कराई जाएगी।
अगर आप चाहें तो इस खबर का एक छोटा नोटिफिकेशन स्टाइल में भी बना सकती हूँ, जो सोशल मीडिया या नोटिस बोर्ड पर काम आ सके। बताइए? 📢✅
