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30 हजार फीट की ऊंचाई पर हुआ मजेदार किस्सा – सचिन तेंदुलकर ने सुरेश रैना को बना दिया ‘बेटा’

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर न सिर्फ अपने बेहतरीन खेल के लिए जाने जाते हैं, बल्कि अपने विनम्र स्वभाव और मजाकिया अंदाज के लिए भी मशहूर हैं। मैदान पर गंभीर और समर्पित नज़र आने वाले सचिन, ड्रेसिंग रूम या दोस्तों के बीच हमेशा हंसाने-मुस्कुराने का माहौल बना देते थे। हाल ही में उनके साथ जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा, पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना ने साझा किया, जिसने सभी को हंसा दिया।

यह वाकया तब का है जब रैना भारतीय टीम में नए-नए शामिल हुए थे। रैना ने यह कहानी एक शो ‘चीकी सिंगल्स’ में सुनाई, और बताया कि यह घटना 30,000 फीट की ऊंचाई पर, फ्लाइट में हुई थी।

साल 2005-06 के आसपास, 18 साल के सुरेश रैना टीम इंडिया के साथ एक टेस्ट मैच खेलने के लिए यात्रा कर रहे थे। यात्रा बिजनेस क्लास में थी, और रैना की सीट ठीक सचिन तेंदुलकर के बगल में थी। रैना के लिए यह किसी सपने जैसा था – इतने बड़े खिलाड़ी के साथ बैठना, जिनकी क्रिकेट दुनिया में गहरी पहचान थी। थोड़ी देर बाद, एक एयर होस्टेस आई और बड़े सम्मान से बोली – “गुड मॉर्निंग, सचिन सर! आप कैसे हैं?” बातचीत के दौरान, उसने रैना की ओर देखा और शायद उनके मासूम चेहरे और उम्र को देखकर उन्हें सचिन का बेटा समझ लिया। एयर होस्टेस ने मुस्कुराकर कहा – “हाय अर्जुन! आप कैसे हैं? आपकी मां कैसी हैं?” (अर्जुन, सचिन के असली बेटे का नाम है)।

एयर होस्टेस की बात सुनकर सचिन ने तुरंत अपने मजाकिया अंदाज में खेलना शुरू किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा – “हां, ये बिल्कुल पढ़ाई नहीं करता है, मैं क्या करूं? मैंने अंजलि (पत्नी) को भी इसके बारे में बता दिया है।”

सचिन की इस बात पर एयर होस्टेस थोड़ा कन्फ्यूज हो गई और कुछ पल के लिए यकीन करने लगी कि सच में रैना उनका बेटा है। वहीं, रैना इस पूरे घटनाक्रम में चुपचाप बैठे रहे, समझ ही नहीं पा रहे थे कि हंसें या कुछ कहें।

कुछ समय बाद, सचिन ने हंसते हुए एयर होस्टेस को असलियत बता दी – “ये मेरा बेटा नहीं है, बल्कि हमारी टीम का खिलाड़ी है।” तब जाकर एयर होस्टेस को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने रैना से माफी मांगी। रैना बताते हैं कि सचिन तेंदुलकर हमेशा नए खिलाड़ियों के साथ इस तरह के हल्के-फुल्के मजाक करते थे, ताकि माहौल दोस्ताना और हंसी-खुशी भरा रहे। यही वजह है कि टीम इंडिया में सचिन को सिर्फ एक महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि एक प्यारे और मजाकिया सीनियर के तौर पर भी याद किया जाता है।

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