Site icon CHANNEL009

tiktok usa

वॉशिंगटन:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलासा किया है कि उन्होंने TikTok की अमेरिकी यूनिट को खरीदने के लिए एक संभावित खरीदार ढूंढ लिया है। हालांकि उन्होंने नाम ज़ाहिर नहीं किया, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह वही समूह है जिसकी पिछली डील अमेरिका-चीन व्यापार तनाव के कारण अटक गई थी।

यह निवेशक समूह प्रमुख रूप से Oracle Corp., Blackstone Inc. और Andreessen Horowitz जैसी कंपनियों से जुड़ा है। पहले भी इन कंपनियों ने TikTok की अमेरिकी संपत्तियों को खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन चीन की असहमति के चलते सौदा आगे नहीं बढ़ पाया था।

🔹 ट्रंप ने क्या कहा?

Fox News को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा,

“हमारे पास TikTok के लिए एक खरीदार है। लेकिन मुझे लगता है कि इसके लिए चीन की मंजूरी की ज़रूरत होगी, और मुझे लगता है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग शायद इसे मंजूरी दे देंगे। यह बहुत अमीर लोगों का समूह है।”

🔹 डील की संभावित रूपरेखा

इस प्रस्ताव के अनुसार:

🔹 बातचीत अभी जारी है

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने सोमवार को पुष्टि की कि यह मुद्दा “उच्च स्तर पर बातचीत” में बना हुआ है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने डील को आगे बढ़ाने के लिए 90 दिन का और समय दिया है।

जब इस सौदे पर चीन की प्रतिक्रिया मांगी गई तो विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने सिर्फ यही कहा कि चीन TikTok के मुद्दे पर पहले ही अपना “सैद्धांतिक रुख” साफ कर चुका है, और उनके पास इसमें जोड़ने को कुछ नहीं है।

🔹 TikTok की मौजूदा स्थिति

TikTok की मूल कंपनी ByteDance को पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा पारित कानून के तहत 19 जनवरी तक अपनी अमेरिकी यूनिट को बेचने का आदेश मिला था, अन्यथा अमेरिका में ऐप पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। कंपनी ने अब तक TikTok की बिक्री में हिचक दिखाई है, क्योंकि इसका मूल्य $20 अरब से $150 अरब तक आंका गया है, जो कि बिक्री की शर्तों और तकनीकी ट्रांसफर पर निर्भर करता है।

राष्ट्रपति ट्रंप अब तक इस डेडलाइन को तीन बार बढ़ा चुके हैं, और उन्होंने हाल ही में कहा कि खरीदार समूह का नाम वह “करीब दो हफ्तों में” सार्वजनिक करेंगे।


निष्कर्ष:
TikTok की अमेरिकी शाखा की बिक्री पर फिर से चर्चा तेज हो गई है। हालांकि इस बार नया कुछ नहीं, बल्कि वही पुराना निवेशक समूह एक बार फिर सामने है। अब निगाहें इस पर हैं कि क्या चीन अपनी पुरानी आपत्तियों को वापस लेता है या नहीं – क्योंकि अंतिम फैसला अब भी बीजिंग की स्वीकृति पर निर्भर करता है।

Exit mobile version