
क्या है मामला?
ग्वालियर के कर्नल साहब की ड्योढ़ी में रहने वाला श्मशाद खान (43) मंगलवार दोपहर से लापता है। दो दिन पहले बड़ागांव (मुरार) के जंगल में पुलिस जुआ पकड़ने गई थी। तभी पुलिस को देखकर श्मशाद और उसके साथी भागने लगे। पुलिस का कहना है कि श्मशाद एक जुआरी है और उसे जंगल में आरक्षक मुकेश, ओमप्रकाश, संजीव और प्रेम ने रोका था। लेकिन वह बाइक छोड़कर जंगल की ओर भाग गया और फिर वापस नहीं आया।
परिजनों ने पुलिस पर जताया शक
श्मशाद घर नहीं लौटा, तो उसके परिवारवालों ने पुलिस से सवाल पूछने शुरू कर दिए। परिजनों का कहना है कि पुलिस पर उन्हें शक है। दूसरी ओर, पुलिस लगातार जंगल में उसकी तलाश कर रही है।
क्यों बढ़ी पुलिस की परेशानी?
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श्मशाद 48 घंटे से गायब है और उसका मोबाइल भी बंद है।
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पुलिस ने श्मशाद की फोटो गांव वालों को दिखाई, लेकिन दो दिन से किसी ने उसे नहीं देखा।
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पुलिस को जंगल में ताश के पत्ते और खाने-पीने का सामान मिला, जिससे यह साफ हुआ कि जंगल जुआरियों का अड्डा है।
पुलिस का बयान
बिजौली थाना प्रभारी प्रीति भार्गव ने बताया कि जंगल के कोने-कोने की तलाशी ली जा रही है। फिलहाल श्मशाद का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और तलाश जारी है।
