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“5 वक्त की नमाज और पिता की यादों ने दिलाया कमाल: ओवल टेस्ट में सिराज की ऐतिहासिक गेंदबाजी के पीछे मां की दुआओं का असर”

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने इंग्लैंड के खिलाफ ओवल टेस्ट में जबरदस्त प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने इस मुकाबले में कुल 9 विकेट झटके और भारत को एक रोमांचक जीत दिलाने में सबसे बड़ा योगदान दिया। लेकिन इस सफलता के पीछे सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि उनकी मां की दुआएं और पिता की यादें भी शामिल रहीं।

मोहम्मद सिराज के पिता, मोहम्मद गौस एक ऑटो रिक्शा चलाते थे। उन्होंने हमेशा अपने बेटे के सपनों को उड़ान देने की कोशिश की, लेकिन साल 2021 में जब सिराज ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया। इस सदमे के बावजूद सिराज ने अपने खेल से देश का नाम रोशन किया। आज भी सिराज जब भी किसी दौरे पर निकलते हैं या लौटते हैं, तो सबसे पहले अपने पिता की कब्र पर जाते हैं। वहां जाकर उन्हें याद करते हैं, बातें करते हैं और उनसे हिम्मत पाते हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में सिराज की मां शबाना बेगम ने बताया कि जून में इंग्लैंड टूर पर रवाना होने से पहले सिराज ने उन्हें गले लगाकर कहा था, “अम्मी, मेरे लिए दुआ करना, मैं अच्छा खेलूं और भारत को जीत दिलाऊं।” उसके बाद वो हमेशा की तरह एयरपोर्ट जाने से पहले अपने पिता की कब्र पर गए। ये उनकी आदत बन चुकी है – अपने अब्बू से मन ही मन बात करके जाना।

शबाना बेगम ने बताया कि उन्होंने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी का एक भी मैच नहीं छोड़ा। सिराज के हर मैच को उन्होंने टीवी पर देखा और दिन में पांच बार नमाज पढ़ी। उन्होंने सिराज की कामयाबी के लिए अल्लाह से लगातार दुआ की। उन्होंने कहा, “सिराज अपने अब्बू से बहुत मोहब्बत करता था। उसके पिता भी उसे बहुत चाहते थे, वो अपने बेटे के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते थे। मैं हमेशा अपने बेटे के साथ हूं। अल्लाह मेरे बेटे को खूब तरक्की दे।”

सिराज ने इंग्लैंड दौरे पर कुल 23 विकेट लिए, जिनमें सिर्फ ओवल टेस्ट में ही उन्होंने 9 विकेट चटकाए। ये मैच भारत के लिए बेहद अहम था, क्योंकि इस जीत के साथ टीम इंडिया ने 5 मैचों की टेस्ट सीरीज 2-2 से बराबर की। बुमराह की गैरमौजूदगी में सिराज ने गेंदबाजी की कमान संभाली और खुद को भारत का अगला स्टार बॉलर साबित कर दिया। उनके इस प्रदर्शन के पीछे उनकी मां की दुआ, पांच वक्त की नमाज और पिता की यादें छुपी हैं।

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