7 लाख स्क्वायर मीटर का एरिया, भीड़ के सैलाब के बीच मिनटों में कैसे साफ होती है मक्का की मस्जिद?
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मक्का की पवित्र मस्जिद यानी मस्जिद अल-हरम दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में गिनी जाती है। यहां हर दिन लाखों श्रद्धालु नमाज, उमरा और इबादत के लिए पहुंचते हैं। इतने बड़े जनसमूह के बीच करीब 7 लाख स्क्वायर मीटर के विशाल परिसर को साफ रखना किसी चमत्कार से कम नहीं लगता।
दरअसल, मस्जिद की सफाई के लिए एक बेहद संगठित और हाई-टेक सिस्टम काम करता है। हजारों सफाई कर्मचारी अलग-अलग शिफ्ट में तैनात रहते हैं। जैसे ही किसी हिस्से में नमाज पूरी होती है या भीड़ आगे बढ़ती है, तुरंत सफाई टीम सक्रिय हो जाती है। कुछ ही मिनटों में फर्श को साफ, सूखा और व्यवस्थित कर दिया जाता है।
सफाई के लिए आधुनिक मशीनों, इलेक्ट्रिक क्लीनिंग व्हीकल्स, वैक्यूम सिस्टम, सैनिटाइजर मशीन और खास तरह के क्लीनिंग उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। सबसे खास बात यह है कि भीड़ को परेशान किए बिना सफाई की जाती है। कर्मचारी तय रूट और टाइमिंग के हिसाब से काम करते हैं, ताकि इबादत में कोई बाधा न आए।
मस्जिद परिसर में सफाई सिर्फ फर्श तक सीमित नहीं रहती। पानी के स्रोत, वॉशरूम, एंट्री गेट, सीढ़ियां, एस्केलेटर और खुले हिस्सों की भी लगातार निगरानी होती है। कैमरों और कंट्रोल रूम के जरिए यह देखा जाता है कि किस जगह तुरंत सफाई की जरूरत है।
channel_009 निष्कर्ष:
मक्का की मस्जिद में सफाई व्यवस्था अनुशासन, तकनीक और टीमवर्क का शानदार उदाहरण है। लाखों की भीड़ के बीच मिनटों में सफाई होना बताता है कि सही मैनेजमेंट से असंभव लगने वाला काम भी संभव हो सकता है।
आपकी राय क्या है — क्या भारत के बड़े धार्मिक स्थलों पर भी ऐसी हाई-टेक सफाई व्यवस्था लागू होनी चाहिए? कमेंट में बताइए।

