
मुख्यमंत्री ने कहा कि 70 साल से अधिक उम्र के लोकतंत्र सेनानियों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। अगर जरूरत पड़ी तो एयर एंबुलेंस की सुविधा भी सरकार द्वारा दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि लोकतंत्र सेनानियों ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने में अहम योगदान दिया है। ऐसे में सरकार उनकी हर मांग को पूरा करने की कोशिश करेगी। सभी सरकारी योजनाओं में पात्रता के अनुसार सबसे पहले लोकतंत्र सेनानियों को लाभ दिया जाएगा।
सीएम मोहन यादव ने अपने भाषण में कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है, बल्कि कांग्रेस खुद ही कई टुकड़ों में बंटी हुई है। कांग्रेस में नेता नहीं बचे हैं, लेकिन एमपी में खाद की कोई कमी नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसका इतिहास बहुत ही गौरवशाली रहा है। सीएम ने तीन तलाक और संविधान से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस को घेरा और कहा कि संविधान की रक्षा वे नहीं कर सकते जिन्होंने कभी उसकी हत्या की थी।
इस सम्मेलन में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, विधायक कृष्णा गौर, रामेश्वर शर्मा, भगवान दास सबनानी और सांसद आलोक शर्मा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने अंत में सभी लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान दिया और उन्हें प्रणाम करते हुए धन्यवाद कहा।
