
जिले में चल रहे स्वस्थ यकृत मिशन के तहत फैटी लिवर की पहचान के लिए की जा रही जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। अब तक 85 हजार से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है, जिनमें से 10 हजार से अधिक महिलाओं की कमर तय मानक से ज्यादा पाई गई है। यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चेतावनी मानी जा रही है।
👩⚕️ महिलाओं में ज्यादा खतरा
महिलाओं की कमर 80 सेंटीमीटर से ज्यादा और पुरुषों की 90 सेंटीमीटर से ज्यादा होने पर फैटी लिवर की संभावना बढ़ जाती है। स्क्रीनिंग में सामने आया कि कई महिलाएं इस खतरे की सीमा को पार कर चुकी हैं।
📍 कहां हो रही जांच
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30 वर्ष से अधिक उम्र के महिला-पुरुषों की जांच हो रही है
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ऊंचाई, वजन और कमर की माप ली जा रही है
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जिन लोगों का बीएमआई 23 या एनएएफएलडी स्कोर 4 से ज्यादा है, उन्हें आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आगे की जांच के लिए भेजा जा रहा है
🎯 7 लाख लोगों की जांच का लक्ष्य
सीएमएचओ डॉ. आरपी गुप्ता के अनुसार, जिले में 7 लाख से ज्यादा लोगों की जांच का लक्ष्य रखा गया है। ये आंकड़े जनस्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी हैं, लेकिन समय रहते पहचान और बदलाव से फैटी लिवर को रोका जा सकता है।
📢 आमजन को दी जा रही सलाह
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स्वास्थ्य केंद्रों और फील्ड वर्कर्स की मदद से स्क्रीनिंग जारी है
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लोगों को खुद भी कमर की माप और वजन पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है
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किसी भी संदिग्ध लक्षण पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने को कहा गया है
🧠 यह सिर्फ मेडिकल जांच नहीं
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ एक बीमारी की पहचान नहीं, बल्कि लोगों को सही खानपान, व्यायाम और जीवनशैली की ओर ले जाने का एक राष्ट्रीय प्रयास है।
नियमित जांच, सतर्कता और सही जीवनशैली से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
