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कानपुर: जाड़े में तंत्रिकाओं के दर्द से परेशान, ओपीडी में 40% रोगी बढ़े

कानपुर में सर्दी की ठंड में तंत्रिकाओं के आसपास रक्त की आपूर्ति में रुकावट के कारण रोगियों को तेज नर्व दर्द का सामना करना पड़ रहा है। जिन लोगों को जोड़ों की गठिया की समस्या है, उनके लिए स्थिति और भी खराब हो गई है। मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग में तंत्रिकाओं से जुड़े रोगियों की संख्या में 40 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में नसों में सिकुड़न बढ़ जाती है और तंत्रिकाओं के आसपास सूजन भी हो जाती है, जिससे दर्द और भी तेज हो जाता है। इस मौसम में माइग्रेन, सर्वाइकल स्पोंडोलोसिस, गर्दन और कमर का दर्द आम हो जाता है। स्पाइनल कॉर्ड में गर्दन से लेकर कमर तक कहीं भी दर्द हो सकता है।

वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. फहीम अंसारी ने बताया कि तंत्रिकाएं स्पाइनल कॉर्ड से निकलती हैं और यदि रीढ़ के आसपास सूजन हो, तो तंत्रिकाएं प्रभावित होती हैं। डायबिटीज और थायरॉइड के रोगियों को भी इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, विटामिन डी की कमी और गठिया के रोगियों में सूजन की समस्या से तंत्रिकाओं का दर्द बढ़ रहा है। सर्दियों में इस प्रकार के दर्द से पीड़ित रोगियों की संख्या और भी बढ़ रही है।

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