कैसे हुआ हादसा?
धनगंवा गांव में अवैध रूप से कोयला खनन किया जा रहा था। मजदूर खदान में कोयला निकाल रहे थे, तभी खदान का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। मजदूर जान बचाकर भाग गए, लेकिन 40 वर्षीय ओंकार यादव और उनकी पत्नी पार्वती यादव खदान में ही दब गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, एसपी रामजी श्रीवास्तव और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। जेसीबी मशीन की मदद से देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों के शव बाहर निकाले गए और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए।
अवैध खनन का गढ़ बना धनगंवा
धनगंवा और आसपास के इलाकों में लंबे समय से अवैध कोयला खनन चल रहा है। मजदूरों की जान जोखिम में डालकर कोयला माफिया यह काम करवा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने कोयला माफिया यहां सक्रिय हैं। पुलिस अब इस अवैध खनन में शामिल लोगों की तलाश कर रही है।
यह हादसा अवैध खनन के कारण मजदूरों की जान पर मंडराते खतरे को फिर से उजागर करता है। पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।