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Budget 2026: सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को मिल सकता है बड़ा सहारा

भारत सरकार बजट 2026 की तैयारी कर रही है और इस बार रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर खास फोकस रहने की उम्मीद है। सोलर, डिस्ट्रिब्यूटेड एनर्जी और स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बजट में नई योजनाएं और ज्यादा फंड दिए जा सकते हैं। इसका मकसद देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और कार्बन उत्सर्जन को कम करना है।

रिन्यूएबल एनर्जी मंत्रालय की प्राथमिकताएं

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) चाहता है कि साफ ऊर्जा देश के हर हिस्से तक पहुंचे। मंत्रालय के अनुसार बजट 2026 में रिसर्च एंड डेवलपमेंट, छोटे स्तर की रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं और सोलर मैन्युफैक्चरिंग पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। खासकर ग्रामीण इलाकों में टिकाऊ ऊर्जा को बढ़ाने के लिए लंबे समय तक नीति और वित्तीय सहयोग जरूरी बताया गया है।

पीएम कुसुम और पीएम सूर्य घर को मिल सकता है विस्तार

बजट 2026 में पीएम कुसुम और पीएम सूर्य घर जैसी योजनाओं को और मजबूत किया जा सकता है। इन योजनाओं से गांवों में सोलर एनर्जी को बढ़ावा मिला है। महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में बड़े सोलर प्रोजेक्ट लगाए गए हैं। अकेले महाराष्ट्र में 16 गीगावॉट के सोलर टेंडर जारी किए गए हैं। इन योजनाओं से किसानों को फायदा हुआ है और राज्यों पर बिजली सब्सिडी का बोझ भी कम हुआ है।

सोलर मैन्युफैक्चरिंग पर जोर

सोलर मैन्युफैक्चरिंग के लिए बजट 2026 को काफी अहम माना जा रहा है। भारत इस समय 150 गीगावॉट की सोलर मॉड्यूल बनाने की क्षमता के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। देश की कुल सोलर क्षमता अभी 27 गीगावॉट है, जिसे जून 2026 तक 60 गीगावॉट तक बढ़ाने का लक्ष्य है।

सरकार सोलर सेल बनाने के लिए जरूरी वेफर और इंगट की क्षमता को भी बढ़ाना चाहती है। इसे 2.2 गीगावॉट से बढ़ाकर 2027 तक 20 गीगावॉट करने की योजना है। इसके साथ ही पॉलिसिलिकॉन और फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स को भी बजट में समर्थन मिलने की संभावना है।

कुल मिलाकर, बजट 2026 से रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को नई रफ्तार मिलने और भारत के हरित भविष्य की दिशा में बड़ा कदम उठने की उम्मीद है।

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