
अस्पताल में पानी भरने से मचा हड़कंप
जिला अस्पताल के अंदर छत से पानी रिसकर सीढ़ियों के रास्ते सीधे कमरों और बरामदों में भर गया। इससे मरीजों और स्टाफ को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल के कर्मचारी बाल्टी और पोछा लेकर पानी निकालते नजर आए। यह सारा नजारा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
स्वास्थ्य मंत्री के जिले का हाल
यह वही अस्पताल है जो छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के गृह जिले में है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब मंत्री के जिले का अस्पताल ही बारिश में डूब जाए, तो बाकी जगहों की हालत कैसी होगी?
मीडिया पर रोक का आदेश बना विवाद
गौरतलब है कि 13 जून को चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर मेडिकल कॉलेज और उससे जुड़े अस्पतालों में मीडिया के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। कहा गया था कि मीडिया को जनसंपर्क अधिकारी की अनुमति से ही प्रवेश मिलेगा।
इस आदेश पर मीडियाकर्मियों ने विरोध जताया और सवाल उठाया कि सरकार आखिर क्या छिपाना चाहती है?
बढ़ते विरोध के बाद मुख्यमंत्री ने इस आदेश को रद्द कर दिया और इस पर नाराजगी भी जताई।
निष्कर्ष
एक तरफ सरकार अस्पतालों की छवि सुधारने की बात करती है, वहीं बुनियादी सुविधाओं की पोल पहली बारिश में ही खुल गई। यह मामला सरकार के कामकाज पर सवाल खड़ा करता है और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत सामने लाता है।
