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CG Education: सरकारी कॉलेजों में एडमिशन की रफ्तार बेहद धीमी, दूसरे चरण से बढ़ने की उम्मीद

दुर्ग।
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से जुड़े सरकारी और निजी कॉलेजों में इस साल एडमिशन की प्रक्रिया काफी धीमी चल रही है। पहला चरण पूरा हो गया, लेकिन ज्यादातर कॉलेजों में अब तक बहुत कम संख्या में ही छात्रों ने दाखिला लिया है।

गर्ल्स कॉलेज में खाली पड़ी सीटें

  • बीकॉम की करीब 400 सीटों में से सिर्फ 44 एडमिशन हुए।

  • बीए में केवल 29 छात्राओं ने दाखिला लिया।

  • बीएससी कंप्यूटर साइंस की 40 सीटों में सिर्फ 1 ही एडमिशन।

  • बीबीए में 8, माइक्रोबायोलॉजी में 3, और बीएससी बायोलॉजी में 8 एडमिशन ही हुए हैं।

  • थोड़ी राहत की बात यह रही कि बीएससी गणित में 12 छात्राओं ने दाखिला लिया।

ग्रामीण कॉलेजों का भी बुरा हाल

उतई शासकीय महाविद्यालय में:

  • बीए की 250 सीटों में से 75 एडमिशन हुए।

  • बीएससी की 130 सीटों में से 50 और

  • बीकॉम में करीब 70 सीटों पर प्रवेश हुआ है।

ग्रामीण क्षेत्र के कॉलेजों में भी विषयवार एडमिशन की संख्या दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई है। अब कॉलेज वेटिंग लिस्ट जारी करने की तैयारी में हैं, ताकि एडमिशन ग्राफ में सुधार हो।

अब उम्मीदें दूसरे और तीसरे चरण से

कॉलेज प्रशासन का कहना है कि दूसरे और तीसरे चरण में एडमिशन की संख्या बढ़ेगी। छात्रों को ऑनलाइन फॉर्म भरते समय 5 कॉलेजों का चयन करना होता है, जिससे एक ही छात्र का नाम कई कॉलेजों में आ जाता है। इसी वजह से पहले चरण में कम एडमिशन हुए।

साइंस कॉलेज बना अपवाद

दुर्ग का साइंस कॉलेज (ऑटोनोमस) इस बार भी एडमिशन के मामले में बाकी कॉलेजों से आगे है:

  • बीए की 500 सीटों में से 182

  • बीकॉम की 520 सीटों में से 246

  • बीसीए की 60 सीटों में से 22 एडमिशन हो चुके हैं।

यहां प्रवेश के लिए कॉलेज की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। कॉलेज ऑफलाइन जानकारी नोटिस बोर्ड पर भी देता है।

सभी कोर्सों में कुल सीटें

  • बीए – 17,125

  • बीएससी – 18,880

  • बीकॉम – 13,379

  • बीबीए – 1,280

  • बीसीए – 1,695

  • डीसीए – 1,575

  • बीएससी होम साइंस – 270

1 जुलाई से कक्षाएं शुरू

कॉलेजों में 1 जुलाई से कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। अब नई शिक्षा नीति के तहत पढ़ाई हो रही है, जिसमें कोर्स को चार भागों में बांटा गया है। नए छात्रों के लिए यह जानकारी जरूरी है ताकि वे पढ़ाई को सही ढंग से समझ सकें।


👉 निष्कर्ष: पहले चरण में छात्रों की रुचि कम दिखाई दी, लेकिन कॉलेजों को दूसरे और तीसरे चरण से एडमिशन बढ़ने की उम्मीद है। साइंस कॉलेजों की स्थिति बेहतर है, लेकिन अन्य कॉलेजों को भी छात्रों को आकर्षित करने के लिए जागरूकता और सुविधा बढ़ाने की जरूरत है।

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