Site icon CHANNEL009

Choral Tunnel हादसा: 2 मजदूरों की मौत पर NHAI ने साधी चुप्पी, बिना जांच के बंद की फाइल

इंदौर। इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर बन रही चोरल टनल में हादसे के दौरान दो मजदूरों की मौत हो गई, लेकिन नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस गंभीर मामले को हादसा बताकर जांच के बिना ही फाइल बंद कर दी। इससे साफ है कि निर्माण में लापरवाही के बावजूद जिम्मेदारी तय नहीं की गई और पूरे मामले को दबा दिया गया।

क्या हुआ था हादसे में?

चोरल गांव के पास टनल नंबर तीन में बुधवार तड़के 4 बजे कंक्रीट की छत गिरने से दो मजदूर दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मलबा हटाने का काम शुरू हुआ, जो गुरुवार तक चलता रहा। टनल निर्माण का काम फिलहाल रोक दिया गया है।

NHAI ने जांच को जरूरी नहीं माना

NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमेश बांझल ने कहा कि यह सिर्फ “हादसा” था और मिट्टी गिरने को लेकर कोई जांच जरूरी नहीं है। उन्होंने माना कि टनल की पहाड़ी से मिट्टी गिरी थी, लेकिन लापरवाही की बात से इनकार कर दिया।

दूसरी तरफ भी दिखी दरारें

टनल के दूसरे छोर पर भी दीवार से कंक्रीट की परतें ढहती दिखीं, लेकिन निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

पहले भी हो चुकी है लैंड स्लाइड

स्थानीय लोगों ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में पहले भी लैंड स्लाइड हुई है। बकरी चराने वाले ग्रामीणों ने मजदूरों से पूछताछ की थी, लेकिन उन्हें कहा गया कि यह सिर्फ निर्माण मलबा है।

कंपनी का बयान – “लापरवाही नहीं, बारिश की वजह से मिट्टी धंसी”

निर्माण कंपनी मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट हेड नागेश्वर राव ने सफाई दी कि बारिश के कारण मिट्टी धंसी थी और यह लापरवाही नहीं है।

प्रशासन ने कहा – फैसला NHAI करेगा

महू SDM राकेश परमार ने कहा कि उन्होंने मौका देखा है, लेकिन जांच की जिम्मेदारी पूरी तरह NHAI पर है


निष्कर्ष:
टनल हादसे में दो मजदूरों की जान जाने के बावजूद न तो निर्माण कंपनी पर कोई कार्रवाई हुई, न ही NHAI ने गंभीरता दिखाई। जांच के बिना फाइल बंद कर देना कई सवाल खड़े करता है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी संदेह पैदा करता है।

Exit mobile version