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EXCLUSIVE: राजस्थान के ‘मोनू’ ने बदली जम्मू-कश्मीर क्रिकेट की तस्वीर, रणजी खिताब से एक कदम दूर

रणजी ट्रॉफी 2025-26 में जम्मू-कश्मीर की टीम ने इतिहास रच दिया है। 67 साल बाद टीम पहली बार फाइनल में पहुंची है। सेमीफाइनल में जेएंडके ने बंगाल को 6 विकेट से हराकर यह बड़ी उपलब्धि हासिल की। इस सफलता के पीछे राजस्थान के कोच पी. कृष्ण कुमार का अहम योगदान माना जा रहा है।

कौन हैं राजस्थान के ‘मोनू’?

पी. कृष्ण कुमार, जिन्हें मोनू के नाम से भी जाना जाता है, राजस्थान क्रिकेट का बड़ा नाम रहे हैं।

उन्होंने दीपक चाहर, खलील अहमद, अनिकेत चौधरी, आवेश खान जैसे कई प्रतिभाशाली गेंदबाजों को तराशा है। अपने लंबे करियर में वे 100 से अधिक खिलाड़ियों को तैयार कर चुके हैं, जो अंडर-19 से लेकर सीनियर स्तर तक खेल चुके हैं।

कोचिंग का लंबा अनुभव

2005 में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने 2006 में एनसीए और बीसीसीआई से ‘लेवल बी’ कोर्स किया। इसके बाद से वे तेज गेंदबाजों को तैयार करने में विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने दलीप ट्रॉफी, देवधर ट्रॉफी और ईरानी ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंट भी खेले हैं।

सेमीफाइनल में दिखी रणनीति

बंगाल के खिलाफ सेमीफाइनल में जेएंडके के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया।

इस प्रदर्शन में कोच कृष्ण कुमार की रणनीति साफ दिखाई दी।

राजस्थान का एक और कनेक्शन

टीम के फील्डिंग कोच दिशांत याग्निक भी राजस्थान से हैं और आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स से जुड़े रहे हैं। इन दोनों कोचों की मेहनत से टीम की फिटनेस और अनुशासन में बड़ा सुधार देखने को मिला है।

फाइनल में बड़ा मुकाबला

16 मार्च 2026 को होने वाले फाइनल में जम्मू-कश्मीर का सामना कर्नाटक या उत्तराखंड से होगा।
जम्मू-कश्मीर की इस ऐतिहासिक सफलता ने साबित कर दिया है कि राजस्थान के कोच राष्ट्रीय स्तर पर कितना बड़ा योगदान दे रहे हैं।

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