कनाडा के कनानास्किस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुँचे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन के इतर विभिन्न देशों के नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और फ्रांस के प्रमुखों से विचार-विमर्श किया।
🇮🇳 🤝 🇲🇽 मेक्सिको से बढ़ते संबंध: शिनबाम को भारत आने का आमंत्रण
प्रधानमंत्री मोदी ने मेक्सिकन राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम से मुलाकात की और आतंकवाद के खिलाफ भारत को मिले समर्थन के लिए आभार जताया। उन्होंने राष्ट्रपति शिनबाम को भारत दौरे का निमंत्रण भी दिया।
दोनों नेताओं के बीच यह पहली औपचारिक बैठक थी, जिसमें ‘ग्लोबल साउथ’ की प्राथमिकताओं, व्यापार, तकनीकी नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
🌍 ‘ग्लोबल साउथ’ को आवाज़ देना भारत की प्राथमिकता
बैठक में पीएम मोदी ने विकासशील देशों के हितों और चुनौतियों को वैश्विक मंच पर प्रमुखता से उठाने की बात कही। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ‘ग्लोबल साउथ’, जिसे आमतौर पर आर्थिक रूप से उभरते देशों के रूप में देखा जाता है, को अब अंतरराष्ट्रीय निर्णय प्रक्रियाओं में केंद्रीय स्थान दिया जाना चाहिए।
🌐 अन्य नेताओं से भी हुई बातचीत
🇦🇺 ऑस्ट्रेलिया
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से भी बातचीत की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उन्होंने लिखा:
“कनाडा में G7 सम्मेलन के दौरान अपने मित्र प्रधानमंत्री अल्बनीज से मिलकर अच्छा लगा।”
🇿🇦 दक्षिण अफ्रीका
पीएम मोदी ने दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति रामफोसा से बात कर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई।
📍 समय और संदर्भ
यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय पर हो रहा है जब दुनिया दो बड़े संकटों — रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान-इज़राइल संघर्ष — से जूझ रही है। ऐसे में यह सम्मेलन शांति, स्थिरता और सहयोग की नई राह खोजने का एक महत्वपूर्ण अवसर बन गया है।
🔚 निष्कर्ष: भारत की सक्रिय भूमिका, साझेदारी की नई दिशा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस कूटनीतिक पहल ने एक बार फिर दर्शाया कि भारत न केवल वैश्विक मंच पर एक मजबूत आवाज़ बनकर उभर रहा है, बल्कि वह दक्षिणी देशों के लिए एक प्रतिनिधि और साझेदार के रूप में भी अपनी भूमिका निभा रहा है।

