इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने भारत के खिलाफ खेले गए एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के दूसरे टेस्ट मैच पर एक बड़ा बयान दिया है। ब्रूक का कहना है कि भारत को इंग्लैंड की चेजिंग क्षमता (लक्ष्य का पीछा करने की ताकत) से डर लगने लगा था, इसलिए उन्होंने एक अजीब तरह का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया।
इस मैच में भारत ने पहली पारी में 180 रनों की बढ़त हासिल की थी। इसके बाद चौथे दिन के अंत तक भारत ने बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड को 608 रनों का भारी-भरकम टारगेट दिया। कई क्रिकेट एक्सपर्ट्स और फैंस को ये फैसला कुछ हद तक रिस्की (जोखिम भरा) लगा। उनका मानना था कि इतनी बड़ी लीड के बावजूद भारत ने ज्यादा रन बनाने में वक्त बर्बाद कर दिया और इंग्लैंड को पूरा दिन खेलने का मौका दे दिया।
वहीं कुछ लोगों का मानना है कि भारत की ये रणनीति बिल्कुल सही थी। टीम मैनेजमेंट चाहता था कि इंग्लैंड बड़े लक्ष्य को चेज करने के चक्कर में गलतियां करे और दबाव में आ जाए।हैरी ब्रूक ने कहा, “भारत जानता था कि अगर वो हमें 400 के आसपास का टारगेट देते, तो हम उसे चेज़ कर सकते थे। इसलिए उन्होंने स्कोर को 600 के पार पहुंचाया ताकि हमें दबाव में डाला जा सके।”
उनके इस बयान से साफ है कि इंग्लैंड की टीम को विश्वास था कि वे किसी भी बड़े लक्ष्य का पीछा कर सकते हैं। यह टेस्ट मैच बहुत ही रोमांचक रहा था, लेकिन इंग्लैंड की टीम लक्ष्य के आसपास भी नहीं पहुंच पाई और अंत में भारत ने मैच जीत लिया।

