एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज मुकाबला 14 सितंबर को खेला जाना है। यह मैच पहले से ही विवादों में घिर गया है। वजह है हाल ही में पहलगाम में हुआ आतंकी हमला, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। इस घटना के बाद से भारत-पाकिस्तान मैच का जमकर विरोध हो रहा है। राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक, लोग सवाल उठा रहे हैं कि ऐसे हालात में पाकिस्तान के साथ खेलना सही है या नहीं।
समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तान के बीच मैच फिक्सिंग चल रही है। पहलगाम हमले में 26 निर्दोषों की मौत के बाद सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए थे, लेकिन इसके बजाय भारत-पाकिस्तान मैच हो रहा है। ये देश की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से दोनों देशों के बीच शांति के पक्ष में हैं, लेकिन पाकिस्तान की लगातार आतंकी गतिविधियों के चलते इस तरह के खेल आयोजन स्वीकार नहीं किए जा सकते। मौजूदा हालात को देखते हुए मैच का बहिष्कार किया जाना चाहिए।
सपा के ही एक अन्य नेता एसटी हसन ने भी इस मैच का विरोध किया। उन्होंने कहा, “हम पाकिस्तान के साथ मैच खेलने का समर्थन नहीं करते। हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जख्म अभी भी ताजा हैं। 26 लोगों की जान गई, कई परिवार तबाह हो गए। ऐसे में हम कैसे पाकिस्तान के साथ बैठकर क्रिकेट खेल सकते हैं? मैच दोस्तों के बीच होता है, दुश्मनों के साथ नहीं।”
खेल मंत्रालय ने हाल ही में पाकिस्तान से जुड़े खेल आयोजनों पर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि भारत पाकिस्तान की मेजबानी नहीं करेगा और न ही द्विपक्षीय सीरीज खेलेगा। लेकिन अगर कोई बड़ा टूर्नामेंट है जिसमें कई देश शामिल हैं और पाकिस्तान भी हिस्सा ले रहा है, तो उसमें भारत हिस्सा ले सकता है। इसी नियम की वजह से भारत एशिया कप 2025 में खेल रहा है।
सोशल मीडिया पर कई लोग भारत-पाकिस्तान मैच को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। कुछ संगठन और नेता यहां तक कह चुके हैं कि इस मैच का प्रसारण भी रोका जाना चाहिए। हालांकि अभी तक सरकार ने इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच हमेशा से रोमांचक रहे हैं, लेकिन जब भी सीमा पर तनाव बढ़ता है या आतंकी हमला होता है, इन मैचों पर सवाल उठने लगते हैं। पहलगाम हमले के बाद लोगों की भावनाएं आहत हैं और यही वजह है कि इस बार विरोध का स्वर और भी तेज हो गया है।
भारत-पाकिस्तान मैच केवल एक खेल नहीं, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों और हालात का आईना बन जाता है। एक तरफ खेल भावना और टूर्नामेंट के नियम हैं, तो दूसरी तरफ देश की सुरक्षा और शहीदों की कुर्बानी का सवाल। ऐसे में 14 सितंबर का मैच सिर्फ क्रिकेट मैच नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक और भावनात्मक मुद्दा बन चुका है।

