तेहरान/यरुशलम – ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव लगातार युद्ध का रूप लेता जा रहा है। दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक चेतावनियों का सिलसिला तेज हो गया है। इस बीच, पाकिस्तान सहित 19 मुस्लिम देशों ने इस युद्ध के खिलाफ एक संयुक्त बयान जारी किया है, वहीं इजरायल ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है – “ईरान को कमजोर करने के लिए जो भी करना पड़ेगा, हम करेंगे।”
🔴 इजरायल ने किया बड़ा दावा: CDS अली शादमानी मारे गए
इजरायल ने दावा किया है कि उसने ईरान के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अली शादमानी को एक सटीक हवाई हमले में मार गिराया है। जवाब में ईरान ने भी चार अलग-अलग इजरायली ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं।
🔥 तेहरान में युद्ध की आहट, नागरिकों को चेतावनी
इजरायली सेना ने तेहरान के डिस्ट्रिक्ट सी के नागरिकों को तत्काल क्षेत्र खाली करने का आदेश दिया है। यह इलाका राजधानी का रणनीतिक और संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, जहां सरकारी व अर्ध-सरकारी संस्थानों के साथ संचार और खुफिया ढांचे मौजूद हैं।
✈️ इजरायली फाइटर जेटों की कार्रवाई
सोमवार सुबह से ही इजरायली युद्धक विमान पश्चिमी ईरान से तेहरान की ओर बढ़ रहे हथियारों से लदे ट्रकों और मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बना रहे हैं। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री ने तेल नोफ एयरबेस का दौरा करते हुए दावा किया कि अब “तेहरान का आकाश इजरायली वायुसेना के नियंत्रण में है।”
⚠️ IAEA का दावा: परमाणु ठिकानों पर असर
IAEA (अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी) ने पुष्टि की है कि इजरायली हमले में ईरान के एक प्रमुख परमाणु संवर्धन स्थल को नुकसान पहुंचा है, लेकिन संवर्धन क्षमता पर असर की समीक्षा अभी जारी है।
📢 ईरान का आरोप: आवासीय इलाकों और अस्पतालों पर हमला
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बाघाई ने कहा कि इजरायली सेना ने जानबूझकर आवासीय भवनों, एक बच्चों के अस्पताल और शांतिपूर्ण वैज्ञानिक केंद्रों को निशाना बनाया है। उन्होंने दोहराया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण है।
🌍 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: चीन ने अमेरिका को ठहराया ज़िम्मेदार
चीन ने ईरान-इजरायल संघर्ष को लेकर अमेरिका पर युद्ध भड़काने का आरोप लगाया है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान परमाणु हथियार के बेहद करीब है। उन्होंने कहा – “अब कोई सीजफायर नहीं, ईरान को परमाणु कार्यक्रम से पूरी तरह पीछे हटना होगा।”
🕊️ बातचीत की कोशिशें और बढ़ता कूटनीतिक दबाव
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यूक्रेन, चीन, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड ने अपने नागरिकों को ईरान और इजरायल से बाहर निकलने की सलाह दी है।
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मिस्र और जॉर्डन ने शांति की अपील की है और दोनों देशों से तुरंत संघर्ष विराम पर सहमत होने का अनुरोध किया है।
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने इरादा जताया है कि वे जेडी वेंस और स्टीव विटकॉफ को मध्यस्थता के लिए भेज सकते हैं।
🕌 19 मुस्लिम देशों की संयुक्त निंदा
पाकिस्तान सहित 19 मुस्लिम देशों ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए इजरायल की आक्रामकता की कड़ी निंदा की है। बयान में इस युद्ध को “मिडिल ईस्ट की शांति के लिए गंभीर खतरा” बताया गया और तुरंत कूटनीतिक समाधान की मांग की गई।
निष्कर्ष:
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियां अब वैश्विक संकट का रूप लेती जा रही हैं। सभी की निगाहें अब अगले कुछ घंटों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाओं पर टिकी हुई हैं।

