
तीन पार्टियों के बीच मुकाबला
केरल में पहले चुनाव आमतौर पर दो गठबंधनों के बीच होते थे—
- United Democratic Front (UDF)
- Left Democratic Front (LDF)
लेकिन इस बार National Democratic Alliance (NDA) भी पूरी ताकत से मैदान में है, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
बीजेपी का 30 सीटों पर खास ध्यान
Bharatiya Janata Party (बीजेपी) ने इस चुनाव में 30 सीटों पर खास फोकस किया है।
चुनाव प्रचार की कमान खुद Narendra Modi संभाल रहे हैं। पार्टी को उम्मीद है कि इन सीटों पर अच्छा प्रदर्शन करने से राज्य में उसकी स्थिति मजबूत होगी।
बीजेपी का बढ़ता प्रभाव
पिछले कुछ सालों में केरल में बीजेपी का जनाधार बढ़ा है।
- Shashi Tharoor के क्षेत्र तिरुवनंतपुरम में बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया
- Suresh Gopi ने त्रिशूर से जीत दर्ज की
UDF को अल्पसंख्यकों का समर्थन
केरल में मुस्लिम और ईसाई मिलाकर लगभग 45% आबादी है।
- मुस्लिम वोट ज्यादातर UDF के साथ रहता है
- ईसाई वोट भी इस बार UDF की ओर झुकता दिख रहा है
LDF को किन चुनौतियों का सामना
सत्ता में होने के कारण LDF को एंटी-इनकंबेंसी (सरकार विरोधी माहौल) का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय मुद्दों और जनता की नाराजगी भी एक बड़ी चुनौती बन सकती है।
पार्टियों के बड़े वादे
UDF के वादे
- महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा
- कॉलेज छात्राओं को ₹1000 हर महीने
- पेंशन ₹3000 प्रति माह
- हर परिवार को ₹25 लाख तक हेल्थ इंश्योरेंस
- युवाओं को ₹5 लाख तक बिना ब्याज लोन
- गरीब परिवारों को ₹6000 मासिक सहायता
LDF के वादे
- गरीबी खत्म करने का लक्ष्य
- हर गरीब को घर (Life Mission 2.0)
- पेंशन ₹3000 प्रति माह
- युवाओं के लिए रोजगार और स्किल प्रोग्राम
- महिलाओं को 20 लाख नौकरियां
- उद्यम शुरू करने के लिए मदद
कुल मिलाकर
केरल चुनाव 2026 इस बार काफी रोमांचक होने वाला है। तीनों बड़े गठबंधन मैदान में हैं और हर पार्टी जनता को लुभाने के लिए बड़े-बड़े वादे कर रही है। अब देखना होगा कि जनता किसे सत्ता की कुर्सी सौंपती है।
