
गैस के दाम ने बढ़ाई परेशानी
मजदूरों ने बताया कि शहरों में गैस मिलना मुश्किल हो गया है।
- गैस ब्लैक में 350 से 450 रुपये प्रति किलो तक मिल रही है।
- इतनी महंगी गैस खरीदकर खाना बनाना उनके लिए संभव नहीं था।
गया स्टेशन पर पहुंचे एक मजदूर ने कहा,
“इतनी महंगी गैस लेकर खाना बनाएं या भूखे मरें, इसलिए घर लौटना पड़ा।”
लकड़ी जलाकर बनाना पड़ा खाना
- सूरत और वडोदरा जैसे शहरों में कई मजदूर लकड़ी जलाकर खाना बनाने को मजबूर हो गए।
- काम भी कम मिल रहा था, जिससे स्थिति और खराब हो गई।
होटल का खाना भी महंगा
- कुछ मजदूरों ने कुछ दिन होटल में खाना खाया, लेकिन यह खर्च ज्यादा दिनों तक उठाना मुश्किल था।
- एक मजदूर ने कहा कि “कुछ दिन तो होटल में खाया, लेकिन कब तक खर्च उठाते, इसलिए वापस आ गए।”
ट्रेन में भी भारी भीड़
- घर लौटते समय ट्रेनों में बहुत भीड़ थी।
- मजदूरों ने बताया कि खड़े होने की भी जगह नहीं थी, किसी तरह सफर करके घर पहुंचे।
निष्कर्ष
LPG संकट और महंगाई ने मजदूरों की जिंदगी पर बड़ा असर डाला है।
रोजगार होने के बावजूद जब खाना बनाना मुश्किल हो जाए, तो लोगों को मजबूरी में घर लौटना पड़ रहा है।
