
मंदिर की जमीन पर किया पंजीयन
एक किसान ने मंदिर की जमीन को अपने नाम पर पंजीकृत कर लिया। यानी अब कागजों में भगवान भी किसान बन गए और उनके नाम पर फसल बेचने की तैयारी थी।
फर्जीवाड़े से हो रही कमाई
कुछ लोग दूसरों से सस्ता गेहूं खरीदकर सरकारी खरीदी में बेच देते हैं और बीच में मोटा मुनाफा कमाते हैं। इसमें वेयरहाउस और बिचौलियों की मिलीभगत की भी आशंका है।
जांच में सामने आई गड़बड़ी
पटवारियों के सत्यापन के दौरान यह मामला सामने आया। पहले भी ऐसे मामले हुए थे, लेकिन पकड़े नहीं गए थे।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने सभी फर्जी पंजीयन रद्द करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों का बयान
अधिकारियों का कहना है कि जहां भी गड़बड़ी मिली है, वहां कार्रवाई की जाएगी और गलत पंजीयन को हटाया जाएगा।
कुल मिलाकर, यह मामला सरकारी व्यवस्था में बड़ी लापरवाही और फर्जीवाड़े को दिखाता है, जिस पर अब सख्ती की जा रही है।
