
रिजल्ट को लेकर विवाद
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में बताया कि पहले हाईकोर्ट ने बिना अनुमति रिजल्ट जारी न करने का आदेश दिया था। लेकिन MP-PSC ने 5 मार्च को ही रिजल्ट जारी कर दिया, जबकि 25 मार्च की सुनवाई में सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि रिजल्ट अब तक जारी नहीं हुआ है। इस विरोधाभास को देखते हुए कोर्ट ने परीक्षा स्थगित कर दी। अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी?
आरक्षित वर्ग के तीन अभ्यर्थियों ने याचिका दायर कर बताया कि PSC ने 158 पदों की भर्ती के लिए रिजल्ट घोषित किया, लेकिन वर्गवार कटऑफ जारी नहीं किया। इसके चलते कई प्रतिभाशाली आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को अनारक्षित वर्ग में शामिल नहीं किया गया, जिससे वे मुख्य परीक्षा से वंचित हो गए। इसे छिपाने के लिए आयोग ने कटऑफ मार्क्स जारी नहीं किए।
अगले कदम
कोर्ट ने MP-PSC को सभी आंकड़े प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। अब 15 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी, जिसमें परीक्षा को लेकर आगे का फैसला होगा।
