
दरअसल, 13 नवंबर 2024 को मतदान के दिन समरावता गांव में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया था। इस दौरान नरेश मीणा ने वहां मौजूद एसडीएम को थप्पड़ मार दिया था। उसी शाम नरेश मीणा को पकड़ने के प्रयास के दौरान गांव में हंगामा और आगजनी की घटना हुई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर 15 नवंबर को जेल भेज दिया गया।
इस मामले में पहले उनियारा और टोंक की कोर्ट में सुनवाई हुई थी, लेकिन वहां से जमानत याचिका खारिज हो गई थी। बाद में उनके वकील ने केस को एससी-एसटी कोर्ट में ट्रांसफर करवा लिया। शनिवार को इस कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन वकीलों की हड़ताल के कारण बहस नहीं हो सकी। अब आज इस मामले पर बहस और जमानत याचिका पर सुनवाई होगी।
