
डमी अभ्यर्थी का पकड़ा जाना:
जोधपुर के परीक्षा केंद्र में सभी अभ्यर्थियों की फिंगरप्रिंट की जांच हो रही थी। संजय की फिंगरप्रिंट में मेच नहीं मिला, जिससे उस पर शक हुआ। उसे पूछताछ के बाद सचाई सामने आई कि वह असली अभ्यर्थी संजय की जगह परीक्षा देने के लिए आया था।
असली अभ्यर्थी की तलाश:
अब पुलिस असली अभ्यर्थी संजय की तलाश कर रही है। डमी अभ्यर्थी ने खुद को चेतन पुत्र रामाराम जाट बताया और 20 लाख रुपए का ऑफर लेकर परीक्षा में शामिल हुआ था।
