
औषधीय पौधों का संरक्षण होगा
इस योजना का उद्देश्य पर्यावरण संतुलन बनाए रखना और औषधीय पौधों को बढ़ावा देना है। इससे पक्षियों, मधुमक्खियों और अन्य जीवों को भी सहारा मिलेगा।
11 राज्यों में होंगे पौधे
राजस्थान सहित 11 राज्यों के हाईवे किनारे करीब 67 हजार से ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे। इनमें नीम, आंवला, जामुन, नींबू और इमली जैसे पौधे शामिल हैं।
मानसून में शुरू होगा काम
इस परियोजना का काम आने वाले मानसून सीजन में शुरू किया जाएगा। टोल प्लाजा और प्रमुख स्थानों के पास पौधारोपण को प्राथमिकता दी जाएगी।
क्या होंगे फायदे?
- पर्यावरण और जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा
- मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होगी
- लोगों को औषधीय पौधों की जानकारी मिलेगी
- हाईवे के किनारे हरियाली बढ़ेगी
क्या हैं चुनौतियां?
- पौधों की देखभाल और बचाव करना जरूरी होगा
- मौसम के कारण पौधों को नुकसान हो सकता है
- कुछ पौधों का असर दिखने में समय लगेगा
यह पहल देश में हरित विकास और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
