Oman डील से भारत को बड़े फायदे
99% चीजों पर ‘0’ टैरिफ, होर्मुज के अहम हिस्से पर भारत की पकड़ मजबूत होने की उम्मीद
भारत और ओमान के बीच होने वाली नई ट्रेड डील को रणनीतिक और आर्थिक दोनों लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस समझौते के तहत भारत को ओमान के बाजार में 99% चीजों पर ‘0’ टैरिफ का फायदा मिल सकता है। इससे भारतीय उत्पादों की लागत घटेगी और निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इस डील से भारत के टेक्सटाइल, फार्मा, इंजीनियरिंग गुड्स, फूड प्रोडक्ट्स, ज्वेलरी, मशीनरी और केमिकल सेक्टर को फायदा हो सकता है। टैरिफ कम होने से भारतीय कंपनियां ओमान में ज्यादा प्रतिस्पर्धी कीमतों पर सामान बेच सकेंगी। इससे व्यापार बढ़ने के साथ रोजगार और निवेश के नए अवसर भी बन सकते हैं।
ओमान भारत के लिए सिर्फ व्यापारिक साझेदार नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण देश है। ओमान की लोकेशन होर्मुज जलडमरूमध्य के पास है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस सप्लाई होकर गुजरता है। ऐसे में ओमान के साथ मजबूत रिश्ते भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी बड़ी ताकत साबित हो सकते हैं।
होर्मुज क्षेत्र पर भारत की बढ़ती मौजूदगी से समुद्री सुरक्षा, व्यापारिक मार्गों की निगरानी और खाड़ी देशों के साथ कूटनीतिक सहयोग को मजबूती मिल सकती है। यह कदम चीन और अन्य देशों की क्षेत्रीय सक्रियता के बीच भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील भारत के लिए गल्फ देशों के साथ आर्थिक रिश्ते बढ़ाने की बड़ी कड़ी बन सकती है। ओमान में भारतीय समुदाय भी बड़ी संख्या में मौजूद है, इसलिए यह समझौता दोनों देशों के लोगों और कारोबारियों के लिए लाभकारी हो सकता है।
बड़ी बात
भारत-ओमान डील से 99% सामान पर ‘0’ टैरिफ का फायदा मिल सकता है। इससे भारतीय एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा और होर्मुज के पास ओमान की रणनीतिक स्थिति भारत की समुद्री और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत कर सकती है।

