
क्यों रुका काम?
सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीजें जैसे:
- डामर (Bitumen)
- एस्फाल्ट
- लिक्विड डीजल ऑयल (LDO)
- इमर्शन ऑयल
इनकी सप्लाई कम हो गई है और कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। इससे काम रुकने लगा है।
कीमतों में भारी बढ़ोतरी
- डामर: ₹40,000 से बढ़कर ₹50,000+ प्रति टन
- LDO: ₹45,000 से बढ़कर ₹60,000 प्रति टन
- इमर्शन ऑयल: ₹38,000 से बढ़कर ₹50,000 प्रति टन
इतना ही नहीं, ज्यादा पैसे देने पर भी सामान समय पर नहीं मिल रहा।
कोटा क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर
कोटा डिवीजन में करीब 600 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं।
- NH-27 और NH-148D पर काम धीमा या बंद
- कई जगह डामर बिछाने का काम रोक दिया गया
कितनी कमी है?
- डामर की जरूरत: 20,000 टन, मिला सिर्फ 7,000 टन
- LDO की जरूरत: 27 लाख लीटर, मिला 10 लाख लीटर
- इमर्शन ऑयल की जरूरत: 9,000 टन, मिला 3,500 टन
NHAI की सलाह
National Highways Authority of India (NHAI) ने ठेकेदारों से कहा है कि जहां डामर का काम रुका है, वहां दूसरे काम जारी रखें ताकि प्रोजेक्ट पूरी तरह बंद न हो।
इन प्रोजेक्ट्स पर असर
- गुलाबपुरा–उनियारा (NH-148D)
- कोटा–भंवरगढ़–केलवाड़ा (NH-27)
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्से
आगे क्या हो सकता है?
- काम में और देरी हो सकती है
- लागत बढ़ सकती है
- मजदूरों की नौकरी पर असर पड़ सकता है
कुल मिलाकर
मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव का सीधा असर राजस्थान के सड़क निर्माण पर पड़ा है। अगर सप्लाई जल्द ठीक नहीं हुई, तो आने वाले समय में और बड़ी दिक्कतें आ सकती हैं।
