
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने छात्रों के हित में एक अहम फैसला लिया है। अब बोर्ड परीक्षा में सिर्फ री-टोटलिंग (अंकों की दोबारा गिनती) ही नहीं, बल्कि रिचेकिंग (उत्तरों की दोबारा जांच) की सुविधा भी मिलेगी। यह व्यवस्था शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर शुरू की गई है।
गणित विषय में शुरू हुआ पायलट प्रोजेक्ट
बोर्ड ने यह सुविधा फिलहाल गणित विषय (विषय कोड 09) के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की है। इससे छात्रों को उत्तर पुस्तिका में दिए गए उत्तरों की जांच दोबारा करवाने का मौका मिलेगा, जिससे उन्हें उनके मेहनत के अनुसार सही अंक मिल सकेंगे।
आगे बढ़ेगा ये बदलाव
अगर गणित में यह व्यवस्था सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में सभी विषयों के लिए रिचेकिंग शुरू की जाएगी। यह कदम छात्रों के लिए निष्पक्ष मूल्यांकन की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।
छात्रों और अभिभावकों की पुरानी मांग पूरी
लंबे समय से छात्र और उनके माता-पिता रिचेकिंग की सुविधा की मांग कर रहे थे। अब इस नई पहल से छात्रों को राहत मिलेगी और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी।
यह फैसला राजस्थान के शिक्षा क्षेत्र में एक सकारात्मक और ऐतिहासिक परिवर्तन माना जा रहा है।
