
दवाओं के लिए हो रही थी परेशानी
भुगतान रुकने के कारण कई शहरों और जिलों में मेडिकल स्टोर्स ने आरजीएचएस कार्ड पर दवा देना कम या बंद कर दिया था। इससे पेंशनर्स और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी।
कई लोगों को अपनी जेब से दवाएं खरीदनी पड़ीं। कुछ परिवारों ने बताया कि जीवनरक्षक दवाओं के लिए उन्हें उधार तक लेना पड़ा।
बकाया भुगतान का मुद्दा
योजना में करीब 800 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया बताया जा रहा था। इसी कारण दवा वितरण में रुकावट आ रही थी। इस मामले के सामने आने के बाद सरकार ने 250 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं, जिससे स्थिति में सुधार की उम्मीद है।
बाकी रकम भी जल्द जारी होगी
योजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हरजीलाल अटल ने बताया कि शेष भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और बाकी राशि भी जल्द जारी कर दी जाएगी।
सरकार के इस फैसले से लाखों कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
