
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कटारा को अंतरिम जमानत देते हुए अगली सुनवाई 23 मार्च तक के लिए टाल दी है। कोर्ट ने कहा कि यह जमानत अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी।
लेकिन पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती–2021 पेपरलीक और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के मामले में भी गिरफ्तारी होने के कारण कटारा की तुरंत रिहाई नहीं हो पाएगी।
राज्य सरकार से जवाब तलब
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह दो सप्ताह में विस्तृत शपथपत्र दाखिल करे। इसमें ये जानकारियां देनी होंगी—
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अब तक की जांच की स्थिति
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चार्जशीट का विवरण
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अभियोजन पक्ष के गवाहों की संख्या
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ट्रायल में देरी के कारण
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ट्रायल की प्रगति
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कटारा का आपराधिक रिकॉर्ड
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सह-आरोपियों को मिली जमानत की स्थिति
कटारा को भी सरकार के शपथपत्र पर अपना जवाब देने की अनुमति दी गई है।
बचाव पक्ष की दलील
कटारा की ओर से वरिष्ठ वकील विवेक जैन ने कहा कि किसी आरोपी को अनिश्चित समय तक जेल में नहीं रखा जा सकता। उन्होंने दावा किया कि आरोप परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित हैं और कटारा से कोई ठोस बरामदगी नहीं हुई है।
हाईकोर्ट से पहले मिल चुकी थी राहत नहीं
राजस्थान हाईकोर्ट ने अगस्त 2025 में कटारा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
सरकार की पैरवी पर सवाल
मामला हाईप्रोफाइल होने के बावजूद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए इसे किसी अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) को नहीं सौंपा।
कैसे हुआ था पेपरलीक
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24 दिसंबर 2022 को उदयपुर जिले के बेकरिया थाना क्षेत्र में
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एक चलती बस में 49 अभ्यर्थी पेपर हल करते पकड़े गए
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एसओजी के अनुसार, बस में पेपरलीक गिरोह का सरगना भी मौजूद था
जांच में सामने आया कि कटारा को प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन उसने पेपर लीक कर दिया।
बरामदगी और आरोप
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कटारा के घर से 51.20 लाख रुपये नकद
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541 ग्राम सोने के नौ आभूषण बरामद किए गए
चार्जशीट के अनुसार,
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पेपर परीक्षा से करीब 60 दिन पहले अक्टूबर 2022 में लीक हुआ
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आरोप है कि कटारा प्रश्नपत्र की मूल प्रति घर ले गया
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भांजे विजय डामोर से प्रश्न लिखवाए
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रजिस्टर मास्टरमाइंड शेर सिंह मीणा को दिया गया
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मोबाइल से फोटो लेकर पेपर टाइप करवाया गया और बेचा गया
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बाद में सबूत मिटाने के लिए रजिस्टर जला दिया गया
निष्कर्ष
सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद बाबूलाल कटारा को अभी राहत नहीं मिली है। आने वाली सुनवाई में सरकार के जवाब और ट्रायल की स्थिति पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
