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Russia-Ukraine Talks: 2 जून को इस्तांबुल में फिर आमने-सामने होंगे दोनों देश, ट्रंप को नहीं लगी भनक

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मास्को/कीव/इस्तांबुल: रूस और यूक्रेन के बीच जारी तनाव के बीच शांति वार्ता के दूसरे चरण की तारीख तय कर दी गई है। यह अहम जानकारी रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सार्वजनिक की है। उनके मुताबिक, दोनों देशों के प्रतिनिधि 2 जून को तुर्की के इस्तांबुल शहर में दोबारा आमने-सामने बैठेंगे। लेकिन इस बैठक से जुड़ी एक दिलचस्प बात ये है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी, जबकि वे लंबे समय से खुद को इस संघर्ष में ‘शांति लाने वाला नेता’ साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।

16 मई के बाद फिर मिलने को तैयार प्रतिनिधि मंडल

रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधि 2022 के बाद पहली बार 16 मई 2025 को एक ही टेबल पर बैठे थे। उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब अगली मुलाकात 2 जून को रखी गई है। लावरोव ने कहा कि इस बार रूस अपनी शांति की शर्तों को स्पष्ट रूप से सामने रखेगा और एक औपचारिक ज्ञापन भी यूक्रेनी पक्ष को सौंपेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिन देशों की शांति में वास्तविक रुचि है, वे इस वार्ता का समर्थन करेंगे।

व्लादिमीर मेडिंस्की के नेतृत्व में रूसी दल

रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वरिष्ठ वार्ताकार व्लादिमीर मेडिंस्की करेंगे, जो पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय संवादों में रूस की ओर से अहम भूमिका निभा चुके हैं। लावरोव ने कहा कि “हमारी टीम तैयार है ज्ञापन पर स्पष्टीकरण देने और संभावित समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए।”

ट्रंप को लगा झटका, सोशल मीडिया पर जाहिर की नाराज़गी

इस वार्ता को लेकर सबसे हैरानीजनक पहलू यह रहा कि डोनाल्ड ट्रंप को इस मीटिंग के बारे में समय रहते जानकारी नहीं मिल सकी। इससे पहले जब 16 मई की बैठक हुई थी, उस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर चुटकी लेते हुए कहा था, “पुतिन इसीलिए बैठक में शामिल नहीं हुए, क्योंकि मैं वहां नहीं था।” जानकारों का मानना है कि ट्रंप इस मुद्दे पर राजनीतिक क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बार-बार नजरअंदाज किए जाने से उनमें नाराज़गी बढ़ती जा रही है। हाल ही में उन्होंने पुतिन को यूक्रेन में नरसंहार बढ़ाने के लिए “पागल” तक कह दिया था।


निष्कर्ष:
2 जून को होने वाली यह बैठक रूस और यूक्रेन के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। जहां एक ओर वैश्विक शक्तियां इस प्रक्रिया की सफलता की उम्मीद कर रही हैं, वहीं राजनीतिक रंगमंच पर कुछ खिलाड़ी जैसे ट्रंप हाशिये पर पड़ते नजर आ रहे हैं।

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