Site icon CHANNEL009

SCO बैठक में भारत का कड़ा रुख: Pahalgam हमले को नज़रअंदाज़ करने पर साझा बयान पर हस्ताक्षर से इंकार

sco

नई दिल्ली / चिंगदाओ:
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के चिंगदाओ में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की रक्षा मंत्रियों की बैठक में उस संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया जिसमें पहुलगाम आतंकी हमले का कोई उल्लेख नहीं था और बलूचिस्तान का संदर्भ जोड़कर अप्रत्यक्ष रूप से भारत को निशाने पर लिया गया।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारत ने आतंकवाद पर वैश्विक स्तर पर “शून्य सहिष्णुता” की नीति अपनाई है और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कार्रवाइयों से यह संदेश दिया है कि आतंक के गढ़ अब सुरक्षित नहीं रहेंगे।


🔥 भारत ने क्यों नहीं किया साझा बयान पर हस्ताक्षर?

रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक:

“संयुक्त दस्तावेज़ की भाषा भारत की आतंकवाद पर दृढ़ स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करती थी। न तो पहुलगाम हमले का उल्लेख था, और पाकिस्तान में हुई घटनाओं पर एकतरफा सहानुभूति जताई गई। इस कारण भारत ने उस संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।”

गौरतलब है कि पहुंचलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी, और हमलावरों ने धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया था। हमले की ज़िम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के समर्थन प्राप्त संगठन The Resistance Front ने ली थी।


🛑 बलूचिस्तान का उल्लेख और चीन-पाकिस्तान की भूमिका

संयुक्त दस्तावेज़ में बलूचिस्तान का ज़िक्र कर अप्रत्यक्ष रूप से यह संकेत दिया गया कि भारत वहां अस्थिरता फैला रहा है। भारत ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान बार-बार झूठे आरोप लगाता है, जबकि वास्तविकता यह है कि वह आतंक का पालन-पोषण करता है।

चूंकि इस समय चीन SCO का अध्यक्ष है और पाकिस्तान उसका करीबी सहयोगी, इसलिए भारत ने इस पूरी कवायद को एकपक्षीय और भ्रामक करार दिया।


💬 राजनाथ सिंह का तीखा संदेश: “दोहरी नीति नहीं चलेगी”

रक्षा मंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि:

“शांति और समृद्धि तब तक संभव नहीं जब तक आतंकवाद, कट्टरपंथ और WMD जैसे खतरनाक तत्व गैर-राज्य तत्वों और आतंकी संगठनों के हाथों में हैं।”

उन्होंने आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग की और कहा कि “जो देश आतंक को नीति का औज़ार बनाते हैं, उन्हें दंडित किया जाना चाहिए।” यह टिप्पणी स्पष्ट रूप से पाकिस्तान पर एक प्रच्छन्न प्रहार थी।


⚖️ “Pahalgam हमला आतंक का चेहरा उजागर करता है”

श्री सिंह ने Pahalgam हमले का ज़िक्र करते हुए कहा:

“हमले में धार्मिक पहचान के आधार पर निर्दोषों को निशाना बनाया गया। यह लश्कर-ए-तैयबा की शैली का साफ़ प्रमाण है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आत्मरक्षा के अधिकार का उपयोग करता रहेगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि SCO को आतंकवाद के हर रूप की निर्विवाद निंदा करनी चाहिए और प्रायोजकों, वित्त पोषकों और आयोजकों को न्याय के कटघरे में लाना चाहिए।


🌍 भारत का वैश्विक संदेश: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद स्पष्टता

भारत की इस आक्रामक कूटनीतिक मुद्रा को हाल ही में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसके तहत आठ देशों में विशेष प्रतिनिधिमंडल भेजे गए ताकि भारत की आतंकवाद पर नीति को वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रस्तुत किया जा सके।


🔚 निष्कर्ष:

SCO में भारत की स्पष्ट असहमति और हस्ताक्षर से इंकार यह दर्शाता है कि अब नई दिल्ली “समरसता के नाम पर चुप्पी” को स्वीकार नहीं करेगी। पाकिस्तान और चीन की एकतरफा रणनीति पर लगाम लगाने के लिए भारत ने न केवल अपने रुख को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूत किया है, बल्कि साहसिक और निर्णायक कूटनीति का परिचय भी दिया है।

Exit mobile version